बिहार: नीतीश कुमार ने बुलाई JDU की अहम बैठक, आज शाम 5 बजे राज्यसभा जाने के फैसले पर चर्चा

पटना: बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद आज (6 मार्च 2026) शाम 5 बजे अपने सरकारी आवास पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सभी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों (MLC) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक में पार्टी के बड़े पदाधिकारी, मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार राज्यसभा जाने के फैसले पर विस्तार से चर्चा करेंगे और पार्टी नेताओं को भविष्य की रणनीति से अवगत कराएंगे। स्वास्थ्य कारणों से राज्यसभा जाने का यह फैसला पार्टी में खलबली मचा रहा है, जहां कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष और आक्रोश है।

नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का फैसला

नीतीश कुमार ने 5 मार्च को अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि राज्यसभा जाना उनकी लंबे समय से अधूरी ख्वाहिश थी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य कारण भी बड़ा फैक्टर हैं। 75 वर्षीय नीतीश कुमार हाल के महीनों में सेहत से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिसके चलते सक्रिय राज्य राजनीति से दूर रहना चाहते हैं। राज्यसभा का कार्यकाल अप्रैल में शुरू होगा, जिसके बाद वे सीएम पद से इस्तीफा देकर दिल्ली शिफ्ट हो जाएंगे। नीतीश ने आश्वासन दिया है कि राज्यसभा जाने के बावजूद उनके निर्देश पर बिहार सरकार चलेगी और नई सरकार को पूरा सहयोग मिलेगा।

Also Read: बिहार: नीतीश कुमार अप्रैल में सीएम पद से इस्तीफा देंगे, सम्राट चौधरी नए CM की रेस में आगे, निशांत कुमार डिप्टी CM बन सकते हैं

नई सरकार का खाका

सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में केवल एक उपमुख्यमंत्री होगा। नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार जल्द JDU में शामिल होकर डिप्टी CM बन सकते हैं। निशांत अब तक राजनीति से दूर रहे हैं और सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, लेकिन अब सक्रिय भूमिका निभाएंगे। JDU कोटे से डिप्टी CM के अलावा करीब 15 मंत्री बनाए जाने की तैयारी है। बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना मजबूत है (सम्राट चौधरी या अन्य नाम चर्चा में), जबकि JDU का एक डिप्टी CM और 15 मंत्री होंगे। यह व्यवस्था NDA में संतुलन बनाए रखने और JDU के नेतृत्व को मजबूत करने के लिए है।

पार्टी में असंतोष और कार्यकर्ताओं की नाराजगी

नीतीश के फैसले से JDU में गहरा असंतोष है। पटना में पार्टी कार्यालय के बाहर बड़े पोस्टर लगे हैं, जहां कार्यकर्ताओं ने नीतीश से पुनर्विचार की अपील की है। कई नेता और जमीनी कार्यकर्ता इसे पार्टी के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं। बैठक में नीतीश इस असंतोष को शांत करने की कोशिश करेंगे और नेताओं को समझाएंगे कि राज्यसभा से भी वे बिहार के विकास का मार्गदर्शन करते रहेंगे। विपक्षी दल इसे ‘बीजेपी की साजिश’ बता रहे हैं, जबकि NDA में इसे सहमति से लिया फैसला कहा जा रहा है।

Also Read: ना चुनाव लड़ा, MLA भी नहीं… फिर कैसे बने नीतीश कुमार CM? संविधान का चौंकाने वाला नियम!

राजनीतिक प्रभाव और आगे की संभावनाएं

नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना बिहार में दो दशकों के बाद बड़ा बदलाव है। पहली बार BJP का मुख्यमंत्री बन सकता है, जो NDA की रणनीति का हिस्सा लगता है। 2025 विधानसभा चुनाव के बाद यह फैसला JDU के वोट बैंक को मजबूत रखने और नीतीश के उत्तराधिकार को सुनिश्चित करने की कोशिश माना जा रहा है। बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल बिहार की सियासत में हलचल तेज है। यदि निशांत की एंट्री होती है, तो यह परिवारवाद के आरोपों को भी हवा दे सकती है, जबकि नीतीश इसे पार्टी के भविष्य के लिए जरूरी बता रहे हैं।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)