सुपौल: जिलाधिकारी सावन कुमार का लगातार विभागीय कार्रवाई जारी है. कुछ दिन पहले ही किसान सलाहकार, राजस्व कर्मचारी समेत शिक्षकों पर हुई कार्रवाई की बात ठंडी भी नहीं हुई थी कि एक बार फिर जिलाधिकारी के आदेश पर एक सरकारी कर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
इधर जिले में जिलाधिकारी का एक्शन लगातार जारी है. जिले में बिना लाइसेंस के चल रहे निजी अस्पताल की भी जांच शुरू कर दी है. आइये आपको बताते हैं फिर एक सरकारी कर्मी को निलंबित किया गया उसके बारे में. दरअसल आपको बता दें कि जिलाधिकारी द्वारा 07 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य उपकेंद्र सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सुखपुर का औचक निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान एएनएम भवानी कुमारी बिना पूर्व सूचना के कर्तव्य से अनुपस्थित पाई गईं।
अगले आदेश तक किया गया निलंबित
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सदर प्रखंड, सुपौल ने उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर कड़ी टिप्पणी दर्ज की. इसे घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता का प्रतीक मानते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई. जारी आदेश के अनुसार भवानी कुमारी का यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1976 के नियम 3 (1) (i) एवं (ii) के अनुरूप नहीं पाया गया।
इसके आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम–9 (1) (क) के तहत जिलाधिकारी, सुपौल के अनुमोदन से सिविल सर्जन द्वारा उन्हें अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सदर अस्पताल, सुपौल निर्धारित किया गया है।
आदेश में यह भी उल्लेख है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियम–10 के प्रावधानों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, जिसका भुगतान अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर किया जाएग।
INPUT-ANANYA MISHRA










































