ब्रजेश पाठक का राहुल गांधी पर तीखा तंज: “56 के हो गए, ब्याह नहीं हुआ… कोई जुगाड़ है तो बताओ!”

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 22 जनवरी 2026 को हापुड़ और अन्य जगहों पर भाजपा कार्यक्रमों के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव पर परिवारवाद को लेकर कटाक्ष किया। उन्होंने राहुल गांधी की शादी न होने और उम्र पर मजाक उड़ाते हुए कहा कि 56 साल की उम्र में अब शादी मुश्किल है, “कोई जुगाड़ है तो बताओ” और इस उम्र में तो उन्हें “गढ़ के मेले में माला देकर राम-राम जपते” बैठा देना चाहिए। यह बयान सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ तेजी से वायरल हो रहा है ।

विवाद की पूरी खबर: बयान के मुख्य अंश और संदर्भ
ब्रजेश पाठक ने हापुड़ में भाजपा के कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की, जो राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा थी। उन्होंने परिवारवाद पर फोकस करते हुए कहा:

* अखिलेश यादव के बेटे-बेटी हैं, इसलिए सपा की कमान उनके बच्चों के हाथ में जाएगी।
* राहुल गांधी 56 के हो गए हैं, लेकिन ब्याह (शादी) नहीं हुआ। “कोई जुगाड़ है तो बताओ!”
* इस उम्र में तो उन्हें गढ़ के मेले में बिठा दो, माला देकर राम-राम जपते रहें।
* कांग्रेस में राहुल की शादी नहीं हुई तो प्रियंका गांधी के बच्चे ही अगला नेतृत्व संभालेंगे। अगर राहुल शादी कर लें तो उनका बेटा-बेटी ही पार्टी का अगला चेहरा बनेगा।
* उन्होंने तुलना की कि BJP में लोकतांत्रिक तरीके से नेता चुने जाते हैं, जबकि कांग्रेस और सपा में सिर्फ परिवार से ही।

यह बयान कई वीडियो क्लिप्स में कैद हुआ है, जहां ब्रजेश पाठक मजाकिया लेकिन तीखे लहजे में बोलते दिख रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में उम्र को 55 वर्ष भी बताया गया है, लेकिन मुख्य बयान में “56 के हो गए” का जिक्र है। यह 21-22 जनवरी 2026 के कार्यक्रमों हापुड़ से जुड़ा है।

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राहुल गांधी की शादी का स्टेटस

राहुल गांधी (जन्म: 19 जून 1970) की शादी नहीं हुई है – यह एक ज्ञात तथ्य है। 2024 में कश्मीर दौरे पर छात्राओं के सवाल पर उन्होंने कहा था कि शादी का कोई प्लान नहीं है, लेकिन अगर हो जाए तो हो जाए। BJP नेता अक्सर इस मुद्दे को उठाते रहे हैं, जैसे 2023 में भी ब्रजेश पाठक ने “कुंडली में शादी योग नहीं” जैसी टिप्पणी की थी। यह विपक्ष पर परिवारवाद का ठप्पा लगाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रभाव

* कांग्रेस या सपा से अभी तक कोई बड़ी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ऐसे बयानों पर पहले आक्रोश दिखता रहा है।
* सोशल मीडिया पर बयान वायरल है – कुछ यूजर्स इसे मजाकिया मान रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत हमला और अनुचित बता रहे हैं।
* BJP इसे परिवारवाद vs जन-नेतृत्व के रूप में पेश कर रही है, खासकर 2027 यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में।
* यह यूपी राजनीति में पर्सनल अटैक का सिलसिला जारी रखता है, जो ध्रुवीकरण बढ़ा सकता है।

INPUT-MUKESH KUMAR

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