Budget 2026: 1 फरवरी 2026 की सुबह पेश हुए केंद्रीय बजट ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने का संकेत दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की घोषणाओं से साफ है कि सरकार अब पढ़ाई को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि छात्रों को डिजिटल और भविष्य-उन्मुख कौशल से लैस करने पर जोर दे रही है। इस बजट में तकनीक, रोजगार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को शिक्षा से जोड़ने की स्पष्ट झलक दिखती है।
स्कूलों में आएगा डिजिटल क्रिएटर्स का दौर
बजट का सबसे अनोखा ऐलान 15,000 स्कूलों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ शुरू करने का है। इन लैब्स के जरिए छात्र वीडियो निर्माण, एडिटिंग और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसे हुनर सीख सकेंगे। सरकार का मानना है कि डिजिटल कंटेंट की बढ़ती मांग को देखते हुए यह पहल छात्रों को कम उम्र से ही नए जमाने के करियर विकल्पों के लिए तैयार करेगी।
इंडस्ट्री के पास पढ़ाई, पढ़ाई के साथ रोजगार
शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई पाटने के लिए पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। ये टाउनशिप प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर के आसपास विकसित होंगी, जिससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
बेटियों की शिक्षा और आयुष को बढ़ावा
महिला शिक्षा को मजबूती देने के लिए सरकार ने हर जिले में कम से कम एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। इससे दूर-दराज के इलाकों की छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने में सहूलियत मिलेगी। वहीं, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आगे बढ़ाने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे, जिससे आयुष सेक्टर को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
विज्ञान, डिजाइन और पर्यटन में नए अवसर
बजट में खगोल विज्ञान के लिए चार नई टेलिस्कोप सुविधाएं, उत्तर-पूर्व में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना और वेटरनरी कॉलेजों के लिए लोन-लिंक्ड सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही, पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 युवाओं को प्रोफेशनल गाइड की ट्रेनिंग देने की पायलट योजना शुरू की जाएगी, जो स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर खोल सकती है।



