लखनऊ में NEET की तैयारी कर रही बाराबंकी की एक युवती के साथ कैब ड्राइवर आदित्य यादव पर गंभीर आरोप लगे हैं। युवती का कहना है कि कोचिंग आने-जाने के दौरान कैब बुक करने से शुरू हुई मुलाकात दोस्ती में बदली, फिर शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए गए। प्रेग्नेंट होने पर मंदिर में शादी का नाटक किया गया, लेकिन बच्ची के जन्म के बाद युवक ने मां-बेटी को छोड़ दिया। पीड़िता अब अकेली नवजात बेटी को गोद में लिए दर-दर भटक रही है और न्याय की मांग कर रही है। मामला विभूतिखंड पुलिस थाने में दर्ज है, जहां युवती ने धोखाधड़ी, दुष्कर्म और परित्याग के आरोप लगाए हैं। घटना 2022 से शुरू होकर अब 2026 में सामने आई है।
पीड़िता की पृष्ठभूमि और मुलाकात
बाराबंकी के मेलूपुर निवासी युवती 2022 में NEET की तैयारी के लिए लखनऊ आई और चिनहट क्षेत्र में रहने लगी। गोमतीनगर में कोचिंग जाने के लिए वह नियमित कैब बुक करती थी। जुलाई 2023 में कैब ड्राइवर आदित्य यादव (बाराबंकी निवासी) से मुलाकात हुई। आदित्य ने रोजाना लाने-ले जाने की बात कही, जिससे युवती ने हामी भर दी। धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती में बदली और आदित्य ने युवती को फ्री में कार ड्राइविंग भी सिखाई। युवती का आरोप है कि आदित्य ने अपनी बातों में फंसाकर विश्वास जीता और शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।
शारीरिक संबंध और प्रेग्नेंसी
पीड़िता के अनुसार, आदित्य ने शादी का वादा कर कई बार संबंध बनाए। प्रेग्नेंट होने पर युवती ने शादी की बात की, तो आदित्य ने मंदिर में शादी का नाटक किया। लेकिन बच्ची के जन्म के बाद उसने संपर्क तोड़ लिया और मां-बेटी को बेसहारा छोड़ दिया। युवती ने बताया कि वह अब अकेली नवजात बेटी के साथ संघर्ष कर रही है, कोई सहारा नहीं है। उसने कहा कि आदित्य ने नशीला पदार्थ पिलाकर भी दुष्कर्म किया और झूठे वादे किए।
पुलिस शिकायत और जांच
युवती ने एसीपी विभूतिखंड से शिकायत की, जिसके आधार पर विभूतिखंड थाने में मामला दर्ज हुआ है। आरोपों में IPC की धारा 376 (दुष्कर्म), 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी) और अन्य शामिल हैं। पुलिस ने आदित्य यादव की तलाश शुरू कर दी है। पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस से अपील की है और कहा कि वह बेटी के भविष्य के लिए लड़ रही है। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस गोपनीय जांच कर रही है।
सामाजिक और कानूनी पहलू
यह घटना उत्तर प्रदेश में शादी के झांसे में धोखा देने के कई मामलों से मिलती-जुलती है, जहां युवतियां कोचिंग या रोजगार के लिए शहर आती हैं और विश्वासघात का शिकार होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़िता को तुरंत कानूनी सहायता, मेडिकल जांच और बच्चे के लिए पालन-पोषण की व्यवस्था जरूरी है। युवती ने मीडिया से अपील की है कि समाज और प्रशासन उसकी मदद करें।
INPUT-ANANYA MISHRA












































