गोरखपुर के चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में तरैना नाला, कचनी नाला, कवितापुर नाला, भुतहा नाला सहित कई छोटे-बड़े नालों की गहरी खुदाई और एक-दूसरे से जोड़ने की मांग विधानसभा में जोरदार तरीके से उठी। चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने निजी याचिका के माध्यम से सरकार से मांग की कि इन नालों की खुदाई कर गहराई बढ़ाई जाए। इससे बरसात के समय नाले विकराल रूप नहीं लेंगे और किसानों की फसल व गांव दोनों सुरक्षित रहेंगे।
रेगुलेटर बनाने का प्रस्ताव
विधायक ने तरैना नाले के साथ कवितापुर नाले पर रेगुलेटर बनाने की भी मांग की। इससे राप्ती नदी की बाढ़ का पानी इन नालों में वापस नहीं आएगा और गर्मी के समय सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी रुक सकेगा। विधायक ने सदन को बताया कि इन नालों की वजह से बरसात में हर साल फसलें बर्बाद होती हैं और गांव जलमग्न हो जाते हैं।
कचनी नाले की पक्की निर्माण की मांग
विधायक राजेश त्रिपाठी ने नियम 301 के तहत एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने उरुवा नगर पंचायत क्षेत्र से होकर गुजरने वाले कचनी नाले का जिक्र किया, जो कई जगह पट चुका है। विधायक ने कहा कि इस नाले की पूरी खुदाई कराकर उरुवा नगर पंचायत की सीमा तक पक्का निर्माण कराया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और किसान कई बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार किया प्रस्ताव
विधायक के दोनों मुद्दों को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्वीकार कर लिया और सरकार को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष ने कहा कि नालों की खुदाई, गहराई बढ़ाने और पक्के निर्माण के प्रस्ताव पर जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी जाएगी।
क्षेत्रीय महत्व और किसानों की उम्मीद
यह मांग चिल्लूपार क्षेत्र के हजारों किसानों और ग्रामीणों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि यदि नालों की सही खुदाई और रेगुलेटर बनाए जाते हैं तो बाढ़ से होने वाले नुकसान में काफी कमी आएगी और सिंचाई की समस्या भी हल होगी। ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि विधानसभा में उठे इस मुद्दे पर अब सरकार ठोस कदम उठाएगी।
INPUT-ANANYA MISHRA











































