पीलीभीत में अवैध कॉलोनियों पर सिटी मजिस्ट्रेट की सख्त कार्रवाई: ट्रैक्टर-लोडर से ध्वस्त की गईं अवैध संरचनाएं

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में टीम ने शहर के माधोटांडा मार्ग पर स्थित चिड़ियादाह इलाके में बनी अवैध कॉलोनियों को ट्रैक्टर-लोडर से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई कई दिनों से जारी नोटिस और चेतावनी के बाद की गई, जिसमें अवैध निर्माणकर्ताओं को संरचनाएं हटाने के लिए समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।

कार्रवाई का विवरण

सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि माधोटांडा मार्ग पर चिड़ियादाह क्षेत्र में कई अवैध कॉलोनियां बिना किसी अनुमति के विकसित की गई थीं। इनमें प्लॉटिंग कर घर, दुकानें और अन्य निर्माण किए गए थे। इन कॉलोनियों के कारण न केवल यातायात बाधित हो रहा था, बल्कि शहर की सुंदरता और पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा था। प्रशासन ने पहले कई बार नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद मंगलवार को बड़ी कार्रवाई शुरू की गई।

ट्रैक्टर-लोडर और जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध दीवारें, प्लॉटिंग की बाउंड्री और कुछ अधूरे मकान ध्वस्त किए गए। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि यह कार्रवाई शहर में अवैध निर्माणों पर लगाम लगाने की दिशा में एक कड़ा संदेश है।

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प्रशासन का रुख

सिटी मजिस्ट्रेट ने मीडिया से बातचीत में कहा, “पीलीभीत शहर में अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग पर पूरी तरह रोक लगाई जा रही है। कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के जमीन का प्लॉटिंग या निर्माण नहीं कर सकता। नोटिस के बावजूद जिन्होंने कार्रवाई नहीं की, उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। आगे भी ऐसी सभी अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया जाएगा।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल वैध और अनुमति प्राप्त कॉलोनियों में ही निवेश करें। अवैध निर्माण में निवेश करने वाले लोग अपना पैसा डूबने का जोखिम उठाते हैं, क्योंकि प्रशासन ऐसी संरचनाओं को नहीं बख्शेगा।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

कार्रवाई से प्रभावित कुछ लोगों ने विरोध जताया और कहा कि वे गरीब हैं और अपना पैसा लगा चुके हैं। वहीं स्थानीय निवासियों और शहर के कई लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना है कि अवैध कॉलोनियों से सड़कों पर जाम, गंदगी और पानी भराव की समस्या बढ़ रही थी।

आगे की योजना

प्रशासन ने कहा कि पीलीभीत शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच जारी है। जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माणों की सूची तैयार की जाए और नियमित रूप से कार्रवाई की जाए। साथ ही अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज करने की तैयारी है।

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की ‘अवैध कॉलोनी मुक्त शहर’ की नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत कई जिलों में ऐसी कार्रवाई हो रही है। पीलीभीत में यह पहली बड़ी कार्रवाई है, और आने वाले दिनों में अन्य इलाकों में भी ऐसी कार्रवाई की उम्मीद है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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