उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार यानी आज से शुरू हो गया है। सत्र से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट संदेश दिया कि विधानमंडल बातचीत, चर्चा और सहमति से काम करती है, न कि हंगामे और रुकावट डालकर। उन्होंने कहा कि सदन में जनता के मुद्दों पर रचनात्मक बहस होनी चाहिए। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति और तैयारी के साथ सदन में पहुंचे हैं। राज्यपाल के अभिभाषण से औपचारिक शुरुआत होगी और वित्त मंत्री आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करेंगे।
बजट सत्र से एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मीडिया से बात की। उन्होंने विधानमंडल की कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए कहा-“विधानमंडल एक ऐसी जगह है जहां बातचीत से काम होता है, कार्यवाही में रुकावट डालकर नहीं। यहां जनता के प्रतिनिधि बैठते हैं, जनता की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए। हंगामा और नारेबाजी से कोई समस्या हल नहीं होती।”
सीएम ने आगे कहा कि योगी सरकार ने पिछले वर्षों में विकास, कानून-व्यवस्था, किसान कल्याण, युवा रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ठोस काम किया है। उन्होंने संकेत दिया कि इस बजट सत्र में भी जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।
सत्र की रूपरेखा
आज का पहला दिन: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त अधिवेशन को अभिभाषण देंगी।
आर्थिक सर्वेक्षण: वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सदन में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करेंगे, जिसमें पिछले साल की आर्थिक प्रगति, जीएसडीपी, राजस्व, व्यय और चुनौतियों का ब्यौरा होगा।
बजट प्रस्तुति: संभावित रूप से 20-22 फरवरी के आसपास वित्त मंत्री योगी सरकार का बजट पेश करेंगे।
सत्ता और विपक्ष की तैयारी
सत्ता पक्ष (भाजपा): योगी सरकार का फोकस विकास परियोजनाओं (एक्सप्रेसवे, मेट्रो, निवेश, नई योजनाएं) को और आगे बढ़ाने पर है। साथ ही कानून-व्यवस्था और राम मंदिर-काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे मुद्दों पर जोर रहेगा।
विपक्ष (सपा-कांग्रेस): सपा और कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, बिजली-पानी की कमी और हाल के अपराधों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। सपा विधायकों ने पहले ही नारेबाजी और हंगामे की रणनीति अपनाई हुई है।
Also read:मायावती ने बसपा में 2027 चुनाव के लिए किया अहम बदलाव ,संगठन में 50% युवाओं को मिलेगा मौका
यह बजट सत्र 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले हो रहा है। इसलिए दोनों पक्ष इसे चुनावी मंच के रूप में भी देख रहे हैं। योगी आदित्यनाथ का संदेश साफ है कि सदन में रचनात्मक बहस होनी चाहिए, जबकि विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ मुद्दा उठाने का मौका मान रहा है।
सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सदन सुचारू रूप से चलेगा या फिर हंगामा और स्थगन का दौर फिर शुरू हो जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत आज होगी और आने वाले दिनों में बजट चर्चा के साथ-साथ विधेयकों और प्रस्तावों पर भी बहस होगी।
INPUT-ANANYA MISHRA

















































