कांग्रेस ने AI समिट को बताया PR तमाशा, शशि थरूर ने की तारीफ, थरूर ने कहा बड़े आयोजन में गड़बड़ी हो सकती हैं

दिल्ली में चल रहे AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद चर्चा में है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर पार्टी सांसद शशि थरूर की टिप्पणी सामने आई है। उन्होंने कहा- समिट में पहले कुछ दिन बहुत अच्छे रहे, कुछ गड़बड़ियां हुई हैं, लेकिन बड़े इवेंट्स में ऐसी समस्याएं हो सकती हैं। थरूर ने समिट की तारीफ करते हुए कहा- जो बात प्रभावशाली रही वह राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और दुनिया के नेताओं की मौजूदगी थी। वे सभी AI डेवलपमेंट में नई इंटीग्रेटेड दुनिया देखने की इच्छा के एक मजबूत संदेश के साथ आए थे। दरअसल, गुरुवार को दिल्ली में थरूर की केरल के महान समाज सुधारक संत श्री नारायण गुरु पर लिखी अपनी किताब की लॉन्चिंग हुई। देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किताब ‘हिंदू धर्म को पुनर्परिभाषित करने वाले संत: श्री नारायण गुरु का जीवन, पाठ और विरासत’ का विमोचन किया।

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दिल्ली में जारी AI समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी की स्टाफ ने चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताकर पेश किया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। विवाद बढ़ने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो से बाहर निकाल दिया गया था। आयोजकों ने पहले यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, फिर ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी। इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने देश की इमेज खराब की है। चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है। यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है।

कांग्रेस ने इस मामले पर कहा कि मोदी सरकार ने AI के मामले में दुनिया भर में भारत का मजाक बनवाया है। AI समिट में चीन के रोबोट्स को हमारा बताकर दिखाया जा रहा है। चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है। यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है। इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि मोदी के मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इसी झूठ में शामिल हैं और भारतीय समिट में चीन के रोबोट्स को प्रमोट कर रहे हैं। मोदी सरकार ने देश की छवि को ऐसा नुकसान पहुंचाया है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। वहीं नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत के टैलेंट और डेटा का सही इस्तेमाल करने के बजाय, यह AI समिट एक ‘डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल’ बनकर रह गया है। यानी एक ऐसा इवेंट जिसे बड़ी इमेज बनाने (PR) के लिए बहुत बढ़ा-चढ़ाकर आयोजित किया गया हो, लेकिन खराब मैनेजमेंट की वजह से वह तमाशा बन जाए।

INPUT-ANANYA MISHRA

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