उत्तर प्रदेश कांग्रेस (UP Congress) ने मनरेगा, शंकराचार्य प्रकरण और अन्य मुद्दों को लेकर राजधानी लखनऊ (Lucknow) में विधानसभा घेरने का ऐलान किया है। प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं के जुटने की सूचना के बीच, जहां एक ओर विधानसभा में बजट सत्र जारी है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। हालात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दो ट्रकों में पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं, जबकि चार थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी मौके पर लगाई गई है। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड में है और प्रदर्शन को नियंत्रित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
कई नेता और कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट
लखनऊ कूच कर रहे कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया गया। बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया सहित 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किया गया और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। रायबरेली में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी को भी नजरबंद किया गया, जिसके बाद उनकी पुलिस से तीखी बहस हुई। वहीं प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी पुलिस को चकमा देकर लखनऊ पहुंचने की कोशिश में हैं।
प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन को सफल बनाने का दावा किया है। उनका कहना है कि पुलिस रोकने की कोशिश कर सकती है, लेकिन कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे। पार्टी ने मनरेगा को समाप्त करने की कथित योजना, महिलाओं और शंकराचार्य के अपमान, माता अहिल्याबाई होल्कर के सम्मान से जुड़े मुद्दों और दाल मंडी जैसे बाजारों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
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