शामली में संविदा लाइनमैन अंकित कुमार बर्खास्त: पत्नी ने दी धमकी ‘पति को नौकरी पर रखो, वरना बच्चों समेत मर जाऊंगी’ 

शामली जिले के गढ़ीपुख्ता विद्युत उपकेंद्र पर तैनात संविदा लाइनमैन अंकित कुमार को गंभीर आरोपों के आधार पर उनकी संविदा सेवा समाप्त कर दी गई है। अंकित की पत्नी गीता ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा बताते हुए अधीक्षण अभियंता (एसई) से लिखित शिकायत की है। गीता ने धमकी भरे लहजे में कहा है कि यदि पति को नौकरी पर बहाल नहीं किया गया तो वह बच्चों समेत आत्महत्या कर लेंगी। यह मामला बिजली विभाग में संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्ति और शिकायतों के संदर्भ में चर्चा में आ गया है।

अंकित कुमार की सेवा समाप्ति का कारण

शामली जिले के गढ़ीपुख्ता विद्युत उपकेंद्र पर कार्यरत संविदा लाइनमैन अंकित कुमार पर गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते विद्युत विभाग ने उनकी संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। आरोपों की प्रकृति स्पष्ट रूप से सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन विभागीय जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। संविदा कर्मचारियों के मामले में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) और ऊर्जा विभाग समय-समय पर ऐसे फैसले लेता रहा है, खासकर प्रदर्शन, शिकायतों या अनियमितताओं के आधार पर।

पत्नी गीता की शिकायत और धमकी
अंकित कुमार की पत्नी गीता ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए अधीक्षण अभियंता को शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया है। गीता ने कहा कि यह फैसला परिवार की आजीविका पर सीधा असर डाल रहा है और यदि अंकित को बहाल नहीं किया गया तो वह बच्चों के साथ आत्महत्या कर लेंगी। उनकी यह धमकी परिवार की आर्थिक तंगी और भावनात्मक दबाव को दर्शाती है। गीता ने विभाग से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।

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विभागीय कार्रवाई का संदर्भ

उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग में संविदा लाइनमैनों के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां पहले भी हो चुकी हैं, जैसे घूसखोरी, लापरवाही या अन्य अनियमितताओं के मामलों में। हाल ही में अमरोहा जैसे जिलों में घूस मांगने पर लाइनमैन बर्खास्त और जेई निलंबित किए गए थे। शामली मामले में अभी तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन गीता की शिकायत पर एसई स्तर पर जांच शुरू होने की संभावना है। संविदा कर्मचारियों की सेवा अक्सर प्रदर्शन या शिकायतों पर निर्भर करती है, और कई बार बिना विस्तृत कारण बताए समाप्ति हो जाती है।

परिवार और समाज पर प्रभाव

यह घटना संविदा कर्मचारियों की असुरक्षा को उजागर करती है, जहां नौकरी अस्थायी होने के कारण परिवार आर्थिक संकट में पड़ जाते हैं। गीता की धमकी ने स्थानीय स्तर पर संवेदना पैदा की है, और कई लोग इसे विभागीय दबाव या अन्याय का परिणाम बता रहे हैं। यदि शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला आगे बढ़ सकता है, जिसमें श्रम विभाग या कोर्ट का रुख भी हो सकता है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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