शराब घोटाला मामला: आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने अदालत में यह स्पष्ट किया है कि वह अपने मामले की पैरवी स्वयं करेंगे। उन्होंने हाल ही में एक नई याचिका दाखिल कर न्यायालय से यह मांग की कि उनके मामले की सुनवाई कर रहे जज को बदला जाए। इस याचिका पर सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।
अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी किया
केजरीवाल की याचिका के बाद अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस मुख्य रूप से जज बदलने की मांग से संबंधित है। केजरीवाल ने अदालत में इस बदलाव के पीछे के कारणों को भी विस्तार से बताया और यह कहा कि यह न्याय प्रक्रिया के लिए जरूरी है।
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मामला सीबीआई की अपील से जुड़ा है
यह विवाद उस अपील से संबंधित है जिसे सीबीआई ने दायर किया था। अपील में ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को दी गई राहत को चुनौती दी गई थी। इससे पहले केजरीवाल ने मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय से मामले को किसी अन्य न्यायाधीश को स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था, जिसे खारिज कर दिया गया था।
ट्रायल कोर्ट और उच्च न्यायालय की भूमिका
ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी करते हुए जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इसके बाद सीबीआई ने उच्च न्यायालय में अपील की। पिछले महीने हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति शर्मा ने ट्रायल कोर्ट के कुछ निष्कर्षों पर पुनर्विचार की आवश्यकता जताई थी और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश पर रोक भी लगाई थी।
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कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़ा मामला
यह मामला कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़ा है, जिसमें केजरीवाल और अन्य पर अनियमितताओं के आरोप हैं। इस संवेदनशील मामले में जज बदलने की मांग और केजरीवाल का खुद पैरवी करने का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।














































