मलिहाबाद पुलिस और सर्विलांस टीम की सफलता
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत मलिहाबाद पुलिस और डीसीपी उत्तरी की स्वाट/सर्विलांस टीम ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह ऑनलाइन गेमिंग और टेलीग्राम के जरिए लोगों को मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर फंसाता था। महज दो दिनों (14-15 मार्च) में ही इस गिरोह ने लगभग 34 लाख रुपये की ठगी की।
गिरफ्तार आरोपी और उनका मॉडस ऑपरेंडी
गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की पहचान सुमित कुमार, अरबाज खान और छोटू मौर्य के रूप में हुई है। ये आरोपी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकार चुनते थे। लोगों को गेमिंग या निवेश के नाम पर लालच देते और फिर उन्हें ठग लेते। ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के बाद Tether (USDT) क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर छुपाने की कोशिश करते थे।
आरोपी VPN का इस्तेमाल कर अपनी लोकेशन छिपाते और फर्जी नंबरों के जरिए नेटवर्क चलाते थे। इससे पुलिस को ट्रेस करना मुश्किल होता था।
मास्टरमाइंड “अल्फा” फरार, आगे की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड “अल्फा” अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस छापेमारी और तकनीकी जांच तेज कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं, जिनके आधार पर अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान पुलिस की टीम ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, नगदी और स्कूटी बरामद की है। ठगी की रकम से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
साइबर ठगी से सतर्क रहें, पुलिस की अपील
लखनऊ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, निवेश या मोटा मुनाफा देने वाले किसी भी लिंक/ऐप पर भरोसा न करें। किसी भी शकास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर क्राइम थाने या हेल्पलाइन पर दें।
यह कार्रवाई लखनऊ पुलिस की साइबर अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। आगे की जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।







































