देवरिया: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा हाल ही में जारी 32,679 पदों (आरक्षी सिविल पुलिस, पीएसी, जेल वार्डर एवं समकक्ष) की भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट देने की मांग जोर पकड़ रही है। इस मुद्दे पर देवरिया सदर से भाजपा विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को पत्र लिखकर मानवीय आधार पर छूट देने की अपील की है। विधायक शलभ मणि त्रिपाठी (Shalabh Mani Tripathi) ने अपने पत्र में कहा कि भर्ती में कई वर्षों की देरी के कारण हजारों सामान्य वर्ग के युवा ओवरएज हो चुके हैं। ये अभ्यर्थी वर्षों से तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब आयु सीमा के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे। कई अभ्यर्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं और उनकी उम्मीदें इसी भर्ती से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कम से कम 3 साल की आयु छूट देने का अनुरोध किया, ताकि लाखों युवाओं को न्याय मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।
वर्तमान आयु सीमा
- सामान्य वर्ग (पुरुष): 18 से 22 वर्ष
- सामान्य वर्ग (महिला): 18 से 25 वर्ष
- आरक्षित वर्गों (OBC/SC/ST) को नियमित 5 वर्ष की छूट पहले से मिली हुई है।
Also Read: नव वर्ष पर युवाओं के लिए खुशखबरी! यूपी पुलिस में 32,679 कांस्टेबल पदों पर बंपर भर्ती
इस बार भर्ती विज्ञप्ति में सभी वर्गों के लिए अतिरिक्त छूट नहीं दी गई, जबकि पिछली बड़ी भर्ती (60,244 पदों वाली, 2023-24) में कोविड और देरी के कारण सभी को 3 साल की छूट मिली थी।विधायक शलभ मणि की मांग को अन्य नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है। राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार, निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी और भाजपा विधायक दिनेश रावत ने भी सीएम को अलग-अलग पत्र लिखकर यही मांग उठाई है। निषाद पार्टी विधायक अनिल त्रिपाठी ने पत्र में 18 नवंबर 2025 को गोरखपुर जनता दरबार में मुख्यमंत्री के कथित आश्वासन का हवाला दिया।
अभ्यर्थी सोशल मीडिया पर #UPPoliceAgeRelaxation जैसे हैशटैग के साथ लगातार प्रदर्शन और पोस्ट कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सभी वर्गों के लिए छूट की मांग की है।
भर्ती की स्थिति
- कुल पद: 32,679
- आवेदन शुरू: 31 दिसंबर 2025
- अंतिम तिथि: 30 जनवरी 2026
Also Read: CM योगी का विजन हुआ साकार, उत्तर प्रदेश बना देश में सर्वाधिक पर्यटकों के आगमन वाला राज्य
अभी तक सरकार या बोर्ड की ओर से छूट पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है। यदि छूट मिलती है, तो अलग से संशोधित आदेश जारी होगा। यह मामला प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं से जुड़ा है, जिन्हें भर्ती में लंबे अंतराल ने प्रभावित किया है। सभी की नजरें अब मुख्यमंत्री के फैसले पर टिकी हैं।











































