लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने पुलिस मुख्यालय सिग्नेचर बिल्डिंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर सरकार की नई पहल की जानकारी दी। एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश और एडीजी ट्रैफिक ए. सतीश गणेश भी इस प्रेस वार्ता में मौजूद रहे। डीजीपी ने बताया कि प्रदेश के 68 जिलों और 7 पुलिस कमिश्नरेट में नई ट्रैफिक स्कीम लागू की जा रही है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं।
तीन महीने में 450 हादसा मौतें घटीं
डीजीपी राजीव कृष्ण ने दावा किया कि नई पहल शुरू होने के बाद पिछले तीन महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में मौत के मामलों में 450 की कमी आई है। रोजाना औसतन 506 लोगों की जान बचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों को कम करने पर विशेष फोकस किया गया है और इसके लिए नए उपकरण भी खरीदे गए हैं।
नए वाहन शामिल, मॉनिटरिंग बढ़ाई गई
डीजीपी ने बताया कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 25 इंटरसेप्टर फोर व्हीलर और 68 टू व्हीलर वाहन खरीदे गए हैं। वर्तमान में 88 इकाइयों की मॉनिटरिंग की जा रही है, जिनमें से 66 इकाइयों में हादसों में 75 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए 24 घंटे डेटा ऐप के माध्यम से मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसमें हर 15 मिनट पर अपडेट मिलता है।
सिटी ट्रैफिक कंजेशन स्कीम शुरू
डीजीपी ने नई ‘सिटी ट्रैफिक कंजेशन स्कीम’ की घोषणा की। यह योजना 20 नगरों में शुरू की जा रही है और कुल 170 रूट्स पर लागू होगी। योजना के तहत ट्रैफिक पुलिस को रोड मार्शल के रूप में तैनात किया जाएगा। शुरुआत में बख्शी का तालाब से पॉलिटेक्निक रूट को चिन्हित किया गया है, जहां 40-50 किलोमीटर के स्ट्रेच पर दोपहर और शाम के पीक टाइम में जाम की समस्या को दूर करने पर फोकस है। इस रूट पर पहले 38-40 मिनट तक जाम लगता था, जिसे कम करने की तैयारी है।
फाइव ई सिद्धांत पर आधारित योजना
ट्रैफिक सुधार की यह स्कीम ‘Five E’ सिद्धांत पर काम कर रही है। इसमें एजुकेशन (शिक्षा), इंजीनियरिंग (इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार), एनफोर्समेंट (कानून प्रवर्तन), इवैल्यूएशन (मूल्यांकन) और इमरजेंसी केयर शामिल हैं। मुख्यालय स्तर से नियमित रिव्यू किया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि ट्रैफिक अवरोधों की पहचान कर हर बाधा को तुरंत हटाया जाएगा।
आतंकवाद और अपराध पर सख्ती
प्रेस वार्ता में डीजीपी ने एसटीएफ और एटीएस की हालिया कार्रवाइयों पर भी जानकारी दी। एटीएस ने एक मॉड्यूल का खुलासा किया और 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। जांच सही दिशा में चल रही है। अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जीएसटी चोरी पर SIT गठित
डीजीपी राजीव कृष्ण ने जीएसटी चोरी को बड़ा चैलेंज बताते हुए कहा कि इसके लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। अब तक 450 करोड़ रुपये के मामले पकड़े गए हैं और जांच गहराई से जारी है।
डीजीपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और अपराध नियंत्रण में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों को जाम से राहत दिलाना और सड़कों को सुरक्षित बनाना पुलिस की प्राथमिकता है।
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