मकान हड़पने के लिए AI से बनाए गंदे वीडियो! गोरखपुर में ब्लैकमेलिंग से तंग आकर 3 बच्चों के पिता ने की सुसाइड

गोरखपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान एक 3 बच्चों के पिता ने सुसाइड कर लिया। आरोप है कि कुछ लोगों ने उसका मकान हड़पने के लिए AI टूल से उसके गंदे और आपत्तिजनक वीडियो बनाए और परिवार को ब्लैकमेल किया। पीड़ित के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। यह मामला AI के दुरुपयोग और साइबर ब्लैकमेलिंग की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर करता है।

गोरखपुर के एक मोहल्ले में रहने वाले एक व्यक्ति (नाम प्रकाशित नहीं किया जा रहा है) पिछले कुछ महीनों से गंभीर मानसिक तनाव में थे। 3 छोटे बच्चों के पिता इस व्यक्ति पर कुछ लोगों ने मकान हड़पने के इरादे से ब्लैकमेलिंग शुरू की थी। आरोप है कि आरोपियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल का इस्तेमाल कर पीड़ित के डीपफेक वीडियो बनाए, जिनमें आपत्तिजनक और शर्मनाक दृश्य दिखाए गए थे।इन फर्जी वीडियो को लेकर पीड़ित को बार-बार धमकियां दी जा रही थीं कि अगर उसने मकान के कागजात नहीं दिए तो ये वीडियो परिवार, रिश्तेदारों और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। परिजनों के अनुसार पीड़ित व्यक्ति इस ब्लैकमेलिंग से इतना परेशान हो चुके थे कि वे रात-रात भर सो नहीं पाते थे और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे।

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आखिरकार बुधवार की रात या गुरुवार सुबह उन्होंने घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन सदमे में आ गए। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने बताया कि मृतक व्यक्ति पिछले कई दिनों से बहुत उदास और चिंतित रहते थे, लेकिन किसी को सही वजह नहीं बताते थे।मृतक के भाई और परिजनों ने तुरंत थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 लोग (जिनमें 2 मुख्य आरोपी हैं) मिलकर उनके भाई को ब्लैकमेल कर रहे थे और मकान पर कब्जा करने के लिए जानबूझकर AI से फर्जी वीडियो बनवाए गए थे।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर 5 लोगों के खिलाफ IPC की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 384 (जबरन वसूली/ब्लैकमेल), 420 (धोखाधड़ी), 67 IT एक्ट (आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना) और अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने ऑनलाइन उपलब्ध AI टूल्स (डीपफेक जनरेटर) का इस्तेमाल कर पीड़ित के चेहरे को आपत्तिजनक वीडियो में लगाया था। ये वीडियो इतने वास्तविक लग रहे थे कि परिवार और पीड़ित खुद भी डर गए थे।

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परिजनों का कहना है कि मृतक व्यक्ति ने कई बार पुलिस और स्थानीय लोगों से मदद मांगी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है और लोग साइबर ब्लैकमेलिंग के खिलाफ सख्त कानून और जागरूकता की मांग कर रहे हैं।पुलिस ने सभी 5 आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के बाद मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि AI टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है और ब्लैकमेलिंग से मानसिक रूप से टूट चुके लोगों के लिए समय पर मदद कितनी जरूरी है।

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