UP: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। निर्वाचन आयोग दोपहर 3 बजे लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंकड़े सार्वजनिक करेगा। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा स्वयं मीडिया को मतदाता सूची में हुए बदलावों की विस्तृत जानकारी देंगे।
वेबसाइट पर देख सकेंगे मतदाता अपना नाम
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होते ही प्रदेश के मतदाता निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम जांच सकेंगे। मतदाता विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र और अन्य विवरण भरकर यह देख पाएंगे कि उनका नाम सूची में शामिल है या नहीं। आगामी चुनावों को देखते हुए यह सूची बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसी के आधार पर दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी।
करीब 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से हटे
निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पहले कुल 15 करोड़ 44 लाख मतदाता पंजीकृत थे। SIR प्रक्रिया के बाद जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में यह संख्या घटकर लगभग 12 करोड़ 55 लाख रह जाएगी। यानी करीब 2 करोड़ 89 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
किन कारणों से हटाए गए नाम
निर्वाचन आयोग ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। जिन कारणों से नाम हटाए गए, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है।
- स्थायी रूप से दूसरे जिले या राज्य में स्थानांतरित हो चुके मतदाता।
- एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाता।
- गणना प्रपत्र (Enumeration Form) जमा न करने वाले।
- लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता, जिनका पते पर सत्यापन नहीं हो पाया।
1 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग अधूरी, भेजा जाएगा नोटिस
इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में करीब 1 करोड़ ऐसे मतदाता सामने आए हैं जिनकी मैपिंग पूरी नहीं हो सकी। ऐसे मतदाताओं को संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) की ओर से नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस मिलने के बाद तय समयसीमा में पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए 12 मान्य दस्तावेज तय किए हैं, जिनमें से किसी एक की स्वहस्ताक्षरित प्रति देना अनिवार्य होगा। दस्तावेज सही पाए जाने पर नाम दोबारा सूची में जोड़ा जा सकेगा।
6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने का मौका
ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से कट गया है या विवरण में त्रुटि है, तो वह आज से 6 फरवरी तक आपत्ति दर्ज करा सकता है।
निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम इस प्रकार है:
- दावे और आपत्तियां: आज से 6 फरवरी तक
- निस्तारण की प्रक्रिया: 7 फरवरी से 27 फरवरी तक
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 6 मार्च
- अधिकारियों के अनुसार, सभी दावों और आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
लखनऊ में सबसे अधिक नाम कटने की संभावना
राजधानी लखनऊ से जुड़े आंकड़े सबसे ज्यादा चौंकाने वाले बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में सबसे अधिक मतदाताओं के नाम लखनऊ जिले में ड्राफ्ट सूची से हटे हैं। करीब 12 लाख नाम कटने की आशंका जताई जा रही है।
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार:
- 4.57 लाख मतदाता दिए गए पते पर नहीं मिले।
- 1.27 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है।
- 5.39 लाख मतदाता दूसरी विधानसभा या जिले में स्थानांतरित हो चुके हैं।
- कई मतदाताओं ने गणना प्रपत्र भरने से इनकार कर दिया।
- इन सभी कारणों से उनके नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए।
2003 की मतदाता सूची को बनाया गया आधार
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज था, या जिनके माता-पिता का नाम उस सूची में पाया गया, उनके नाम सुरक्षित रखे गए हैं। ऐसे मतदाताओं की मैपिंग पहले ही पूरी कर ली गई थी। इसके विपरीत, जिनका नाम या पारिवारिक विवरण 2003 की सूची में नहीं मिला, उन्हें दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
ड्राफ्ट सूची अंतिम नहीं, 6 मार्च को आएगी फाइनल लिस्ट
निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि आज जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची को अंतिम नहीं माना जाए। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 6 मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। आगामी चुनावों की पूरी प्रक्रिया इसी अंतिम सूची के आधार पर आगे बढ़ेगी।
3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी निगाहें
पूरे मामले को लेकर आज दोपहर 3 बजे लखनऊ में होने वाली निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस दौरान CEO नवदीप रिणवा अंतिम आंकड़े, नाम कटने के कारण और आगे की प्रक्रिया से जुड़े दिशा-निर्देश साझा करेंगे। राजनीतिक दलों से लेकर आम मतदाताओं तक, सभी इस घोषणा को बेहद अहम मान रहे हैं।















































