अंसल ग्रुप पर ED का शिकंजा, 313 करोड़ की संपत्ति कुर्क, सुशांत गोल्फ सिटी के नाम पर किया गया फर्जीवाड़ा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल ऑफिस ने अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (APIL) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 313.12 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। एजेंसी के मुताबिक जांच के दौरान कंपनी द्वारा प्रोजेक्ट से जुटाई गई रकम के दुरुपयोग के संकेत मिले थे, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया।

आगरा में 9.08 हेक्टेयर जमीन भी कुर्क

ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में आगरा में स्थित लगभग 9.08 हेक्टेयर आवासीय जमीन भी शामिल है। एजेंसी के अनुसार इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 313.12 करोड़ रुपये है। जांच में यह भी सामने आया कि ये संपत्तियां अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़ी सहयोगी कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं और इन्हें मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत जब्त किया गया है।

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सुशांत गोल्फ सिटी प्रोजेक्ट में अनियमितताओं का आरोप

ईडी की जांच का केंद्र लखनऊ का सुशांत गोल्फ सिटी प्रोजेक्ट है। आरोप है कि इस परियोजना के नाम पर होमबायर्स से बड़ी मात्रा में एडवांस रकम ली गई, लेकिन उन्हें तय समय पर फ्लैट नहीं दिए गए। एजेंसी के अनुसार जांच में यह भी पाया गया कि प्रोजेक्ट से जुड़े फंड का सही तरीके से उपयोग नहीं हुआ और काफी धनराशि को अन्य गतिविधियों में स्थानांतरित कर दिया गया।

ग्राहकों से 1234.92 करोड़ रुपये जुटाए गए

ईडी के मुताबिक कंपनी ने इस परियोजना के नाम पर ग्राहकों से कुल 1234.92 करोड़ रुपये एडवांस के रूप में जुटाए थे। जांच में सामने आया कि इस रकम में से लगभग 921.80 करोड़ रुपये ही प्रोजेक्ट से संबंधित निर्माण और परिसंपत्तियों पर खर्च किए गए। शेष करीब 313.12 करोड़ रुपये को कथित रूप से गैर-प्रोजेक्ट गतिविधियों में डायवर्ट किया गया।

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278 एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच

यह जांच देश के विभिन्न शहरों में दर्ज 278 एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी, जिनमें कंपनी और उसके निदेशकों पर आपराधिक विश्वासघात, साजिश और धोखाधड़ी जैसे आरोप लगाए गए हैं। ईडी का कहना है कि जांच में जो राशि अपराध से जुड़ी कमाई के रूप में सामने आई, वह सीधे तौर पर उपलब्ध नहीं थी, इसलिए उसके बराबर मूल्य की वैकल्पिक संपत्तियों को कुर्क किया गया है ताकि होमबायर्स के हितों की रक्षा की जा सके।

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