एटा: PM मोदी का AI जनरेटेड अपमानजनक वीडियो वायरल, मारपीट और पानी में फेंकने का वीडियो आया सामने, FIR दर्ज

एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले के थाना पिलुआ क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जनरेटेड आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में कथित तौर पर PM मोदी के साथ मारपीट करने और उन्हें पानी में फेंकने का अभद्र दृश्य दिखाया गया है। यह वीडियो शुक्रवार को एक ट्विटर हैंडल पर पोस्ट हुआ और बाद में आरोपी युवक की इंस्टाग्राम आईडी से भी तेजी से फैला। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और उसकी तलाश में जुट गई है।

आरोपी युवक की पहचान और पृष्ठभूमि

आरोपी युवक का नाम संजय पुत्र भगवानदास बताया जा रहा है, जो पिलुआ थाना क्षेत्र के पुठिया गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर पहले से ही दो अन्य मुकदमे दर्ज हैं, जो उसके आपराधिक इतिहास को दर्शाते हैं। वीडियो बनाने और वायरल करने का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री की छवि को खराब करने वाला और अभद्रता पूर्ण है। पुलिस ने वीडियो के स्क्रीनशॉट और मूल क्लिप को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया है।

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पुलिस कार्रवाई और FIR

पिलुआ थाना पुलिस ने वीडियो वायरल होने पर तुरंत संज्ञान लिया। उपनिरीक्षक प्रवेश राणा की लिखित शिकायत पर आरोपी संजय के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामला आईपीसी की संबंधित धाराओं (जैसे राजद्रोह, मानहानि, धारा 153A आदि) के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें AI जनरेटेड कंटेंट से जुड़े प्रावधान भी शामिल हो सकते हैं। थाना प्रभारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटवाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

AI जनरेटेड कंटेंट का खतरा

यह घटना AI टूल्स के दुरुपयोग से जुड़े बढ़ते खतरे को उजागर करती है। हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति और अन्य नेताओं के डीपफेक वीडियो कई बार वायरल हो चुके हैं, जिनमें से कुछ पर FIR और गिरफ्तारियां हुई हैं। एटा का यह मामला उत्तर प्रदेश में AI से बने आपत्तिजनक कंटेंट पर सख्त कार्रवाई की मिसाल बन सकता है। पुलिस का कहना है कि ऐसे कंटेंट से सार्वजनिक शांति भंग होने और राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री की छवि को ठेस पहुंचने का खतरा रहता है, इसलिए जांच गहन होगी।

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