गणतंत्र दिवस के मौके पर एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को बचाने वाले हिंदू जिम ट्रेनर दीपक कुमार अब खुद खतरे में हैं। दीपक ने दुकानदार वकील अहमद को बजरंग दल के हमले से बचाया था। परिवार डर के मारे तनाव में है, उनकी छोटी बेटी स्कूल नहीं जा पा रही और जिम बंद हो गया है। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है।
गणतंत्र दिवस पर हुई घटना
26 जनवरी को कोटद्वार के पटेल मार्ग पर बुजुर्ग दुकानदार वकील अहमद की दुकान पर कुछ बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुस्लिम होने के बावजूद दुकान के नाम में ‘बाबा’ क्यों है। वकील अहमद पार्किंसंस बीमारी से पीड़ित हैं। तब पास मौजूद जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने उनकी मदद की। भीड़ के सामने दीपक ने कहा, ‘मेरा नाम मोहम्मद दीपक है’ और इंसानियत के महत्व पर जोर दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सोशल मीडिया और राजनीतिक समर्थन
वीडियो वायरल होने के बाद दीपक को लोगों का भारी समर्थन मिला। फेसबुक पर उनके फॉलोअर्स बढ़कर 4.3 लाख से अधिक हो गए, इंस्टाग्राम पर 5 लाख। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें ‘भारत का हीरो’ बताया। लोग और नेता उनके मानवतावादी दृष्टिकोण की सराहना कर रहे हैं। दीपक ने कहा कि इंसान की पहचान धर्म से नहीं बल्कि इंसानियत से होती है।
बजरंग दल का विरोध और सुरक्षा बढ़ाई गई
वायरल वीडियो के बाद बजरंग दल और उनके समर्थकों ने इसे हिंदू भावनाओं का अपमान बताया। 31 जनवरी को कोटद्वार में उन्होंने दीपक के घर और जिम के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर सुरक्षा बढ़ा दी। भीड़ के चलते दीपक का जिम बंद हो गया और परिवार भयभीत हो गया।
FIR और मामले की वर्तमान स्थिति
अब तक तीन FIR दर्ज की जा चुकी हैं। दुकानदार की शिकायत पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ, दीपक और उनके मित्र विजय रावत के खिलाफ, और अज्ञात बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ। पुलिस ने शांति बैठक की, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ। दीपक ने कहा, ‘मैंने जो किया सही किया। नफरत नहीं फैलानी चाहिए। जरूरत पड़ी तो फिर भी खड़ा रहूंगा।’
















































