पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच शनिवार को भारत ने सुरक्षित ऊर्जा आपूर्ति और सामान के निर्बाध आवागमन की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा है कि स्थिति बेहद जटिल है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इस संकट पर एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत लगातार संवाद और तनाव कम करने की अपील करता रहा है। उन्होंने भारत की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए कहा कि सामान और ऊर्जा की आपूर्ति निर्बाध जारी रहनी चाहिए और नागरिक ढांचे, खासकर ऊर्जा से जुड़ी सुविधाओं पर हमले से बचना चाहिए।
‘माल और ऊर्जा का निर्बाध पारगमन सुनिश्चित करना प्राथमिकता’
प्रवक्ता ने कहा, भारत ने लगातार जोर दिया है कि माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन को सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में से एक रहा है। हमने पूरे क्षेत्र में ऊर्जा सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से बचने का भी आह्वान किया है। हमारा मानना है कि वैश्विक समुदाय के एक बड़े हिस्से की भी यही प्राथमिकताएं हैं।
जायसवाल ने कहा, संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। हमने खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्यों, ईरान, अमेरिका और इस्राइल सहित सभी पक्षों से वार्ताकारों के जरिये विभिन्न राजनीतिक और राजनयिक स्तरों पर संपर्क बनाए रखा है, ताकि उनके बातचीत की जा सके और अपनी प्राथमिकताओं पर जोर दिया जा सके, खासकर ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी प्राथमिकता। जायसवाल ने कहा, प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में अपने समकक्षों से बात की है। पिछले कुछ दिनों में विदेश मंत्री और हमारे दूतावास भी अपने वार्ताकारों के साथ लगातार संपर्क में रहे हैं। इस प्रक्रिया में जहाजरानी (शिपिंग) कंपनियों जैसे अन्य प्रमुख हितधारकों की चिंताओं को भी संबोधित करना पड़ा है।
INPUT-ANANYA MISHRA
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)















































