UP: गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। एक ट्यूशन टीचर पर कथित तौर पर 10वीं कक्षा की छात्रा के साथ डिजिटल रेप (ऑनलाइन यौन शोषण) का आरोप लगा है। पीड़िता कई महीनों से आरोपी शिक्षक की ओर से लगातार छेड़छाड़ और अनुचित मैसेज का शिकार थी। इस कारण छात्रा मानसिक तनाव और डर के शिकार हो गई थी। परिजनों को जब पूरी बात पता चली, तो उन्होंने रविवार को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया।
पूरा मामला
परिजनों के अनुसार, छात्रा पिछले कई महीनों से आरोपी टीचर के ट्यूशन में पढ़ रही थी। शुरुआत में टीचर ने पढ़ाई के नाम पर छात्रा से व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया पर लगातार संपर्क बढ़ाया। धीरे-धीरे बातें अनुचित हो गईं। टीचर ने छात्रा को आपत्तिजनक मैसेज, फोटो और वीडियो भेजे। छात्रा डर के मारे चुप रही, लेकिन मानसिक तनाव बढ़ता गया। पढ़ाई पर असर पड़ने लगा और वह उदास रहने लगी। जब परिजनों ने उसकी हालत पर ध्यान दिया, तो छात्रा ने रोते हुए पूरी घटना बता दी। परिजनों ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। POCSO एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी टीचर को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिवाइस जब्त कर लिए हैं। डिजिटल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच में छात्रा के साथ हुए मैसेज, फोटो और वीडियो की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने छात्रा को ब्लैकमेल भी किया था, जिसकी वजह से वह चुप रही।
पीड़िता की मानसिक स्थिति नाजुक
छात्रा की मानसिक स्थिति बहुत नाजुक बताई जा रही है। वह लगातार डर और तनाव में है। परिजनों ने बताया कि बच्ची अब ट्यूशन जाने से कतराती है और रात में अकेले सो नहीं पाती। डॉक्टरों ने उसे काउंसलिंग की सलाह दी है। परिवार ने मांग की है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि अन्य बच्चों के साथ ऐसा न हो।
क्षेत्र में आक्रोश और चिंता
इस घटना से ट्रांस हिंडन क्षेत्र में भारी आक्रोश है। अभिभावक और स्थानीय लोग कह रहे हैं कि ट्यूशन टीचरों पर नजर रखने की जरूरत है। कई अभिभावक अब अपने बच्चों को ट्यूशन भेजने से पहले सोच रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि स्कूलों और ट्यूशन सेंटरों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाए जाएं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आरोपों की पुष्टि होगी। यदि अन्य छात्राओं के साथ भी ऐसा हुआ है, तो मामले को और विस्तार दिया जा सकता है। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के मोबाइल और सोशल मीडिया की निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत शिकायत करें।








































