गोरखपुर: खुले नाले में साइकिल से गिरा 12 वर्षीय कन्हैया, पेट में सरिया घुसने से मौत, प्रशासन ने ठेकेदार की लापरवाही पर की सख्त कार्रवाई

UP: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चिलुआताल थाना क्षेत्र में वार्ड नंबर 5, मानबेला (राप्तीनगर विस्तार कॉलोनी) इलाके में 18 फरवरी 2026 की शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। 12 वर्षीय कन्हैया चौरसिया (5वीं कक्षा का छात्र) साइकिल चलाते हुए खुले नाले (केबिल ट्रेंच) में गिर गया। नाले में खड़ी लोहे की सरिया उसके पेट में घुस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे तुरंत BRD मेडिकल कॉलेज ले जाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता श्याम सुंदर चौरसिया ने ठेकेदार और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया, क्योंकि नाला जून 2025 में पूरा हो चुका था लेकिन ढक्कन (आरसीसी स्लैब) खुला छोड़ दिया गया था। इस घटना ने विकास कार्यों में सुरक्षा की कमी पर सवाल खड़े किए हैं।

हादसे का विवरण और परिवार का दर्द

कन्हैया मुड़िला (मुंडेरा) निवासी श्याम सुंदर चौरसिया का सबसे बड़ा बेटा था। पिता ने बताया कि 14 फरवरी (वेलेंटाइन डे) को उन्होंने बेटे को 2600 रुपये की नई साइकिल गिफ्ट की थी, क्योंकि उसे साइकिल चलाने का बहुत शौक था। 18 फरवरी शाम करीब 4-5 बजे कन्हैया दोस्तों के साथ साइकिल चलाकर घर लौट रहा था। रास्ते में राप्तीनगर विस्तार योजना के 24 मीटर सड़क के किनारे खुले केबिल ट्रेंच में साइकिल असंतुलित हो गई और वह गिर पड़ा। सरिया पेट में धंस गई, जिससे तेज खून बहने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने सरिया निकालकर उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डेढ़ घंटे के इलाज के बाद मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराया गया है। परिवार सदमे में है और पिता ने ठेकेदार पर अतिरिक्त सरिया न हटाने और ढक्कन न लगाने का आरोप लगाया है।

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प्रशासन की कार्रवाई और जांच

हादसे की सूचना मिलते ही मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने तुरंत सख्त कदम उठाए। उन्होंने बताया कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा राप्तीनगर विस्तार योजना में भूमिगत केबिल ट्रेंच का काम 3 अप्रैल 2023 से शुरू होकर 25 जून 2025 को पूरा हुआ था। ट्रेंच को आरसीसी स्लैब से ढक दिया गया था, लेकिन स्थानीय अराजक तत्वों ने स्लैब उठा लिया, जिससे ट्रेंच खुला रह गया। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर:

  • GDA के टेक्निकल सुपरवाइजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त (कार्यमुक्त) कर दी गई।
  • संबंधित अवर अभियंता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई।
  • जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने मानबेला क्षेत्र के तकनीकी सुपरवाइजर को कार्यमुक्त किया।

मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी (नगर) और मुख्य अभियंता (पीडब्ल्यूडी) के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की है, जो पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। परिजनों को हर संभव सरकारी सहायता (मुआवजा आदि) उपलब्ध कराई जा रही है।

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सुरक्षा मानकों पर सवाल और स्थानीय प्रतिक्रिया

यह घटना गोरखपुर में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा की कमी को उजागर करती है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि यदि ट्रेंच ठीक से ढका होता तो हादसा टल सकता था। PWD और GDA पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर आक्रोश है, जहां लोग ऐसे खुले गड्ढों और ट्रेंच को “मौत का जाल” बता रहे हैं। प्रशासन ने जांच तेज करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। यह मामला बच्चों की सुरक्षा और विकास परियोजनाओं में मानकों के पालन पर बड़ा सबक है।

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