UP: गोरखपुर में क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है। मुंबई क्रिकेट क्लब (MCC) और ज्वाला स्पोर्ट्स फाउंडेशन की ओर से मेडिकल रोड स्थित प्रकाश क्रिकेट ग्राउंड पर 19 से 26 मार्च 2026 तक 8 दिवसीय एलीट हाई परफॉर्मेंस क्रिकेट कैंप आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष शिविर में यशस्वी जायसवाल और पृथ्वी शॉ जैसे स्टार खिलाड़ियों के कोच ज्वाला सिंह के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चमिंडा वास (श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज), वसीम जाफर (भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज) और मुंबई रणजी के पूर्व कोच विनायक सामंत (विकेटकीपिंग विशेषज्ञ) बच्चों को ट्रेनिंग देंगे। यह शिविर बालक और बालिका दोनों के लिए खुला है जहां प्रतिभागी प्रोफेशनल स्तर की तकनीक, मानसिकता और फिटनेस सीख सकेंगे।
शिविर की तैयारियां और विवरण
शिविर की तैयारियां जोरों पर हैं। डॉ. विनय सक्सेना ने बताया कि यह कैंप गंभीर क्रिकेटरों के लिए है जो टॉप लेवल पर जाना चाहते हैं। यहां क्रिकेट की बारीकियां सिखाई जाएंगी जैसे तकनीकी सुधार, प्रोफेशनल तैयारी, मानसिक मजबूती और फिटनेस रूटीन। ज्वाला सिंह के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय कोचिंग का अनुभव मिलेगा। कैंप सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगा। आयु वर्ग 10 से 23 वर्ष (U-14 से U-23) तक के खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। सीमित सीटें हैं इसलिए जल्दी पंजीकरण जरूरी है। फीस 20,000 रुपये है जिसमें सभी प्रतिभागियों को 2 टी-शर्ट और 1 कैप मिलेगा। 10 चुनिंदा छात्रों को फ्री कैंप भी मिल सकता है।
पंजीकरण और संपर्क
इच्छुक खिलाड़ी पंजीकरण www.mcccricket.com पर कर सकते हैं। वैकल्पिक रूप से फोन या व्हाट्सएप नंबर 99879 01669 या 73041 67910 पर संपर्क किया जा सकता है। ईमेल mcchpccamp@gmail.com पर भी जानकारी ली जा सकती है। वेबसाइट पर फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें। सीटें जल्दी भर रही हैं इसलिए देर न करें। ज्वाला सिंह गोरखपुर के मूल निवासी हैं जो मुंबई में जाकर यशस्वी जायसवाल और पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ियों को तैयार कर चुके हैं। उनका यह शिविर पूर्वांचल के युवा क्रिकेटरों के लिए सुनहरा अवसर है।
शिविर में क्या सिखाया जाएगा?
शिविर में क्रिकेट की उच्च स्तरीय ट्रेनिंग पर फोकस रहेगा। तकनीकी सुधार जैसे बैटिंग, बोलिंग, फील्डिंग और विकेटकीपिंग की बारीकियां सिखाई जाएंगी। प्रोफेशनल क्रिकेट की मानसिकता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा जिसमें दबाव में खेलना, फोकस और अनुशासन शामिल है। फिटनेस ट्रेनिंग से शारीरिक मजबूती पर काम होगा। अंतरराष्ट्रीय कोचों से सीधे मार्गदर्शन मिलेगा जो बच्चों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने की राह दिखाएगा। टॉप परफॉर्मर्स को स्कॉलरशिप या आगे की ट्रेनिंग के अवसर भी मिल सकते हैं। यह शिविर न केवल स्किल बल्कि प्रोफेशनल माइंडसेट बनाने का प्लेटफॉर्म बनेगा।
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