गोरखपुर: शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या मामले में फरार देवरिया बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर 10-10 हजार का इनाम घोषित

UP: गोरखपुर में एक दुखद घटना ने शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया है। देवरिया जिले के मदरसन स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह ने 21 फरवरी 2026 की रात गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज स्थित अपने आवास पर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। 37 वर्षीय शिक्षक ने चार पेज का सुसाइड नोट और वीडियो संदेश छोड़ा जिसमें उन्होंने देवरिया बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, कार्यालय लिपिक संजीव सिंह और पूर्व हेडमास्टर अनिरुद्ध सिंह पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और लगातार उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगाया था। शिक्षक की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर गुलरिहा थाने में 22 फरवरी को मुकदमा दर्ज किया गया। अब पुलिस ने फरार दोनों मुख्य आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है।

मामले की पृष्ठभूमि और आरोप

कृष्ण मोहन सिंह कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग निवासी थे और देवरिया में तैनात थे। सुसाइड नोट में उन्होंने बताया कि उनकी सेवा से जुड़ी समस्या और हाईकोर्ट में चल रहे केस के कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि बहाली या समस्या निपटारे के नाम पर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह ने 16 लाख रुपये की मांग की और धमकियां दीं। पूर्व हेडमास्टर अनिरुद्ध सिंह ने ही उनका परिचय संजीव सिंह से कराया और डील तय की। लेन-देन के साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मुकदमे में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। विवेचना अब सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह कर रहे हैं।

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पुलिस कार्रवाई और इनाम घोषणा

एसएसपी गोरखपुर डॉ. कौस्तुभ ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया था लेकिन वे फरार हो गए। पुलिस ने चार टीमें गठित की हैं जो देवरिया, बलिया, लखनऊ, प्रयागराज सहित संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। अब तक कोई सुराग नहीं मिला है लेकिन इनाम घोषणा से जनता से जानकारी मिलने की उम्मीद है। मामले में पूर्व हेडमास्टर अनिरुद्ध सिंह को 27 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

परिवार और समाज की प्रतिक्रिया

शिक्षक की मौत से परिवार सदमे में है और शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी के खिलाफ रोष बढ़ा है। शिक्षक समुदाय और स्थानीय लोग इस घटना को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा उदाहरण मान रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच तेज है और जल्द गिरफ्तारियां होंगी।

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