गोरखपुर में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग को हिलाकर रख दिया है। एक युवती अंशिका, जिसे सोशल मीडिया और मीडिया में ‘बर्थडे गर्ल’ के नाम से जाना जा रहा है, ने न केवल एक व्यक्ति पर गोली चलाई, बल्कि पिछले 5 सालों में सैकड़ों लोगों को अश्लील वीडियो में फंसाकर ब्लैकमेल किया। इनमें अयोध्या के एक DSP और गोरखपुर के GIDA थाना प्रभारी (दरोगा स्तर) सहित कम से कम 12 पुलिसकर्मी शामिल हैं। यह मामला अब पुलिस की आंतरिक जांच और विभागीय कार्रवाई के केंद्र में है।
बर्थडे सेलिब्रेशन से गोलीबारी तक: घटना का क्रम
20 जनवरी 2026 को गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र के सिंहड़िया इलाके में मॉडल शॉप के पास अंशिका अपनी बर्थडे पार्टी मना रही थी। उसके साथ कुछ दोस्त थे। इसी दौरान प्राइवेट हॉस्पिटल के मैनेजर विशाल मिश्रा से उसका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर अंशिका ने पिस्टल निकाल ली और फायरिंग कर दी। गोली मैनेजर के एक दोस्त के पेट में लगी, जिससे वह घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से पिस्टल बरामद की और अंशिका को गिरफ्तार कर लिया।
अश्लील वीडियो का खुलासा: ब्लैकमेलिंग का तरीका
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अंशिका के मोबाइल फोन की जांच की। फोन से दर्जनों अश्लील वीडियो बरामद हुए, जिनमें कई लोग न्यूड या अश्लील हरकतों में दिख रहे थे। सख्त पूछताछ में अंशिका ने कबूल किया कि वह पिछले 5 साल से वीडियो कॉल के जरिए लोगों को फंसाती थी। वह उन्हें न्यूड होने या अश्लील बातें करने के लिए उकसाती, पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर लेती और फिर रंगदारी मांगती थी। पुलिस के अनुसार, उसने इस दौरान 150 से ज्यादा लोगों को टारगेट किया। इनमें आम नागरिकों के अलावा पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
पुलिसकर्मियों की संलिप्तता: DSP और दरोगा फंसे
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अंशिका ने गोरखपुर के 12 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को ऐसे वीडियो में फंसाया। इनमें अयोध्या जिले का एक DSP (उच्च अधिकारी) और GIDA थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर/दरोगा स्तर) का नाम प्रमुखता से सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंशिका उन्हें वीडियो कॉल पर न्यूड होने के लिए मजबूर करती थी और वीडियो रिकॉर्ड करके पैसे ऐंठती थी। जब रंगदारी नहीं मिली, तो इसी तरह के विवाद में गोली चल गई।
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जांच की स्थिति और विभागीय असर
पुलिस ने अंशिका को जेल भेज दिया है। उसके साथी बंटी वर्मा सहित 5 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जांच में मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य साक्ष्यों की जांच हो रही है। यह मामला यूपी पुलिस के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि इसमें उच्च अधिकारियों की संलिप्तता की बात सामने आई है। विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और संभावना है कि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच या सस्पेंशन की कार्रवाई हो सकती है। सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग पुलिस की नैतिकता पर सवाल उठा रहे हैं।
अंशिका का बैकग्राउंड और आगे की संभावनाएं
अंशिका हरपुर की रहने वाली है और सिंघड़िया में किराए के मकान में रहती थी। पुलिस का कहना है कि वह पहले से ब्लैकमेलिंग में सक्रिय थी और इस कांड में कई और लोग फंस सकते हैं। अगर जांच आगे बढ़ी तो और नाम सामने आ सकते हैं। यह घटना न केवल अपराध की है, बल्कि समाज में फैल रही डिजिटल ब्लैकमेलिंग की बढ़ती समस्या को भी उजागर करती है।
INPUT-MUKESH KUMAR
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