गोरखपुर: गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाने में पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के खिलाफ धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला बड़हलगंज के सोती चौराहे पर लगे शिलापट्ट को लेकर हुए विवाद के बाद सामने आया। पूर्व विधायक और चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर के बीच मोबाइल फोन पर हुई तीखी बहस के बाद रविवार रात महेश उमर की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
शिलापट्ट हटाने से शुरू हुआ विवाद
दरअसल बड़हलगंज के सोती चौराहे पर 11 फरवरी 1995 को तत्कालीन विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरिशंकर तिवारी द्वारा पूर्व चेयरमैन विश्वनाथ उमर मार्ग के लोकार्पण का शिलापट्ट लगाया गया था। यह शिलापट्ट वर्षों से वहीं स्थापित था।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले नगर पंचायत बड़हलगंज ने उसी स्थान पर नया शिलापट्ट लगा दिया। जैसे ही इसकी जानकारी हरिशंकर तिवारी के समर्थकों और स्थानीय लोगों को हुई, उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया।
विरोध के बाद हटाया गया नया शिलापट्ट
स्थानीय लोगों के विरोध के बाद नगर पंचायत प्रशासन ने जल्दबाजी में नए शिलापट्ट को वहां से हटाकर दूसरे स्थान पर लगा दिया। इसके साथ ही पुराने शिलापट्ट की साफ-सफाई भी कर दी गई। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई और मामला विवाद का रूप ले बैठा।
मोबाइल पर बहस, ऑडियो हुआ वायरल
इसी विवाद को लेकर पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी और चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर के बीच मोबाइल फोन पर तीखी नोकझोंक हो गई। चेयरमैन प्रतिनिधि की ओर से इस बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल किया गया है।
महेश उमर का कहना है कि करीब 35 साल पहले लगाए गए पुराने शिलापट्ट पर भूलवश नए कार्य का शिलापट्ट लगा दिया गया था। जैसे ही इस गलती की जानकारी मिली, उसे तुरंत हटाकर निर्धारित स्थान पर लगा दिया गया और पुराने शिलापट्ट की साफ-सफाई कर दी गई।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
बड़हलगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार राय ने बताया कि महेश उमर की तहरीर के आधार पर पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा नाम रहे हरिशंकर तिवारी
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरिशंकर तिवारी को कभी पूर्वांचल का बाहुबली कहा जाता था। 1980 के दशक में उनका नाम पूरे प्रदेश में चर्चित हुआ। उनके बेटे कुशल तिवारी सांसद रह चुके हैं, जबकि विनय शंकर तिवारी विधायक रह चुके हैं और फिलहाल समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं।
हरिशंकर तिवारी का राजनीतिक प्रभाव कई दशकों तक कायम रहा। उत्तर प्रदेश में अलग-अलग सरकारों के दौरान वे कई बार मंत्री रहे। कल्याण सिंह, राम प्रकाश गुप्त, राजनाथ सिंह, मायावती और मुलायम सिंह यादव की सरकारों में भी उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिली।
कांग्रेस के दौर में उन्होंने जेल से निर्दलीय चुनाव जीतकर भी इतिहास रचा था। यही वजह रही कि प्रदेश की राजनीति में उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहा।
INPUT-ANANYA MISHRA














































