गोरखपुर जिले में प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जनता दर्शन कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कलेक्ट्रेट सभागार में और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ ने अपने कार्यालय में फरियादियों की शिकायतें सुनीं और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब जनता दर्शन की प्रक्रिया से वे स्वयं ऑनलाइन जुड़कर निगरानी कर रहे हैं। यह व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है, जिससे शिकायत निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
जिलाधिकारी दीपक मीणा का जनता दर्शन
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दर्शन में भूमि विवाद, राजस्व प्रकरण, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, चिकित्सा सहायता और शिकायत निस्तारण में देरी जैसे कई मामले सामने आए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रार्थना पत्र को गंभीरता से सुना और संबंधित उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों तथा विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कुछ मामलों में तत्काल फोन कर अधिकारियों से जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि अधिकतर समस्याओं का समाधान तहसील या विभाग स्तर पर ही हो, ताकि लोगों को बार-बार कलेक्ट्रेट न आना पड़े। फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार और प्रगति की जानकारी देने का भी निर्देश दिया गया।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ का जनता दर्शन
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने अपने कार्यालय में जनता दर्शन आयोजित किया, जहां भूमि विवाद, मारपीट, महिला उत्पीड़न, साइबर अपराध और पारिवारिक विवाद जैसी शिकायतें आईं। उन्होंने प्रत्येक मामले का अवलोकन कर क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। एसएसपी ने अधिकारियों को फरियादियों के साथ संवेदनशील रहने और कार्रवाई की प्रगति बताने का निर्देश दिया। अधिकतर मामलों को थाने स्तर पर ही सुलझाने पर जोर दिया गया, ताकि लोगों को उच्च कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनता दर्शन प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होता है, जहां कोई भी नागरिक सीधे एसएसपी से अपनी समस्या रख सकता है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ऑनलाइन निगरानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद जनता दर्शन को नई सख्ती मिली है। शासन स्तर से सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और एसएसपी को पत्र भेजा गया कि वे रोज सुबह 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई करें। अब मुख्यमंत्री स्वयं ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर विभिन्न जिलों के जनता दर्शन की सीधी निगरानी कर रहे हैं। गोरखपुर में भी यह व्यवस्था लागू हो गई है, जहां वे प्रगति की जानकारी लेते हैं। इससे शिकायत निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है, और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। फरियादियों का कहना है कि उच्च स्तर की निगरानी से न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
व्यापक प्रभाव और जनता की प्रतिक्रिया
यह कदम उत्तर प्रदेश में जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत बनाने का हिस्सा है, जहां जनता दर्शन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि राहत का सशक्त माध्यम बन रहा है। गोरखपुर में हाल के महीनों में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान भी जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं, और अब ऑनलाइन निगरानी से स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा है। प्रशासन ने दोहराया है कि हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होगी, और देरी या लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
INPUT-ANANYA MISHRA













































