शनिवार को हुई जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में 35 से ज्यादा उत्पादों पर GST रेट घटाए गए। केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 28वीं मीटिंग में अहम फैसले लिए गए हैं। GST काउंसिल की बैठक में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को 1 साल तक के लिए स्थगित करने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही काउंसिल ने सैनेटरी नैपकिन को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के दायरे से बाहर कर दिया है। इसके अलावा 28 फीसदी वाले कई प्रोडक्ट्स पर जीएसटी को कम किया गया है। बैठक दौरान शुगर सेस पर सिर्फ रिपोर्ट सौंपी गई, शुगर सेस लगाने पर कोई फैसला नहीं लिया गया।
जीएसटी परिषद ने कई उत्पादों पर कर की दरें कम की, दस्तकारी के छोटे सामानों को कर से छूट-
# संगमरमर पत्थर, राखी, काष्ठ से बनी देवी देवताओं की मूर्तियों और साल पत्तियों पर जीएसटी नहीं
# राखी को जीएसटी से छूट, एथनॉल पर कर की दर कम करके 5 प्रतिशत की गई।
# एक हजार रुए मूल्य तक के फुटवियर (जूते-चप्पल) पर अब 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
# मिक्सर ग्राइंडर, परफ्यूम, सौंदर्य प्रसाधन, दाड़ी बनाने वाली मशीन (शेवर), पानी गर्म करने वाला हीटर, वैक्यूम क्लीनर पर जीएसटी की दर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत की गई।
# पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले तिमाही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, 93 प्रतिशत करदाताओं को होगा फायदा।
#रिवर्स चार्ज व्यवस्था पर अमल को और एक साल (30 सितंबर 2019 तक) के लिए स्थगित कर दिया गया है।

बैठक में शामिल हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि सैनेटरी नैपकिन अब जीएसटी से फ्री है। सैनेटरी नैपकिन पर जीएसटी काउंसिल के फैसले से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, सैनेटरी नैपकिन अब तक 12 फीसदी के जीएसटी स्लैब में शामिल है लेकिन इस फैसले की लंबे समय से आलोचना हो रही थी और कई महिला संगठनों ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की थी।
वहीं महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवा ने बताया कि बांस को 12 फीसदी के टैक्स स्लैब में रखा गया है। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि चीनी पर सेस को लेकर अगली बैठक में फैसला लिया जा सकता है।

जीएसटी रेट में पहले भी हो चुके दो बड़े बदलाव-
नवंबर 2017 की बैठक में 213 सामानों को अधिकतम 28% जीएसटी स्लैब से निकालकर 18% के स्लैब में शामिल किया। 5% जीएसटी के दायरे में शामिल 6 सामानों पर टैक्स खत्म कर दिया। फाइव स्टार होटल के रेस्त्रां को छोड़कर बाकी होटलों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया गया। जनवरी 2018 में 54 सेवाओं और 29 वस्तुओं पर टैक्स कम किया।
बता दें कि 2017-18 में जीएसटी से 7.41 लाख करोड़ रुपए आए थे। औसत मासिक कलेक्शन 89,885 करोड़ था। इस साल अप्रैल में कलेक्शन रिकॉर्ड 1.03 लाख करोड़ पहुंच गया था लेकिन मई में घटकर 94,016 करोड़ और जून में 95,610 करोड़ रुपए पर आ गया।
Watch Minister @PiyushGoyal briefing media about the decisions taken at the 28th Meeting of GST Council, at a press conference in New Delhi https://t.co/ATftq7ZcpC
— Piyush Goyal Office (@PiyushGoyalOffc) July 21, 2018











































