UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम (Maulana Abdullah Saleem) का एक कथित बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा। वायरल वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। जैसे ही यह वीडियो लोगों के सामने आया, कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने नाराजगी जताते हुए इसे अपमानजनक बताया और संबंधित मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी।
संगठनों और लोगों ने जताया विरोध
वायरल बयान के बाद कई लोगों ने इसे मुख्यमंत्री की मां के सम्मान से जोड़ते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर विरोध देखने को मिला। विभिन्न संगठनों और युवाओं ने प्रशासन से मांग की कि इस मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि ऐसी घटना दुबारा न हो।
लखनऊ में प्रदर्शन और पुतला दहन
7 मार्च को राजधानी लखनऊ में इस बयान के विरोध में प्रदर्शन किया गया। हजरतगंज स्थित अटल चौराहा पर बड़ी संख्या में युवा इकट्ठा हुए और मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में मौलाना का पुतला भी फूंका और सरकार तथा प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की।
विरोध में लगे पोस्टर और होर्डिंग
विवाद के बीच लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में कई जगहों पर विरोध स्वरूप होर्डिंग और पोस्टर भी लगाए गए। इन पोस्टरों में लिखा था कि ‘योगी जी की मां का अपमान हिंदू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।’ वहीं कुछ पोस्टरों में मौलाना के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए अटल चौक पर फांसी देने जैसी बातें भी लिखी गईं। इन होर्डिंग्स के सामने आने के बाद यह मुद्दा शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।















































