UP: करीब 13 वर्षों से कोमा में पड़े हरीश राणा के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गाजियाबाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी राजनगर एक्सटेंशन स्थित राणा परिवार के घर पहुंचे और उनकी स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने परिवार से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
आर्थिक सहायता और राहत
परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत 2 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई। इसके अलावा, मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष से भी भविष्य में सहायता सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि परिवार को तत्काल राहत मिल सके और आर्थिक कठिनाइयों से कुछ हद तक निजात मिले।
रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करने के प्रयास
जिला प्रशासन ने परिवार की स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की योजना बनाई है। इसके तहत परिवार को दुकान आवंटित कर रोजगार प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि परिवार को नियमित आय का स्रोत मिल सके और भविष्य में आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सरकारी योजनाओं से जुड़ेगी मदद
अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि परिवार को विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इससे परिवार को लाभ मिलेगा और जीवनयापन में स्थिरता आएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार परिवार को प्राथमिकता के आधार पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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