लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की महिला रेजिडेंट के साथ यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी डॉ. रमीज के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में बताया कि रमीज धर्मांतरण गिरोह के सरगना, बलरामपुर के छांगुर से प्रभावित था और छांगुर की गिरफ्तारी के बाद वह तनाव में था। पुलिस अब रमीज और छांगुर के संबंधों की गहन जांच कर रही है।
मौलवी के माध्यम से गिरोह से संपर्क
सूत्रों का कहना है कि रमीज की छांगुर से मुलाकात एक मौलवी के जरिए हुई थी। पुलिस के अनुसार, उस मौलवी ने भी पीड़िता पर धर्मांतरण के लिए दबाव डाला। पुलिस ने छांगुर के कनेक्शन को देखते हुए खुफिया एजेंसियों को मामले की जानकारी दी है। रमीज के पिछले एक साल के ठिकानों और कॉल डिटेल्स से कई अहम सुराग मिले हैं। कुछ वार्तालाप विदेश में भी हुई हैं, जिससे आशंका है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद वह विदेश भाग गया हो सकता है।
गिरोह के बाकी सदस्य की तलाश
पुलिस रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खदीजा की गिरफ्तारी के बाद पीलीभीत निवासी काजी सैय्यद जाहिद हसन की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि काजी के पकड़े जाने पर गिरोह का पूरा नेटवर्क सामने आएगा। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि काजी ने और कितनी महिलाओं का धर्मांतरण कराया है। इसके साथ ही, धर्मांतरण के गवाह शारिक खान की तलाश में भी पुलिस सक्रिय है।
रेजिडेंट डॉक्टरों से संपर्क और पैसों का लेन-देन
जांच में सामने आया कि आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर अन्य 15 रेजिडेंट डॉक्टरों से भी संपर्क में था और उनके धर्मांतरण के लिए दबाव डाल रहा था। बताया जा रहा है कि दिल्ली निवासी डॉक्टर के धर्मांतरण के एवज में रमीज को 15 लाख रुपये मिले थे, जबकि नॉन-मेडिकल पेशेवरों के धर्मांतरण पर सिर्फ पांच लाख रुपये मिलते थे। कॉल डिटेल से यह भी पता चला कि रमीज सामान्य कार्य समय के बाद भी इन रेजिडेंट्स से लगातार संपर्क में रहा।













































