केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों को एक बार फिर मुख्यधारा में आने का खुला न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का कोई इरादा किसी पर गोली चलाने का नहीं है। यदि नक्सली हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दें, तो सरकार उन्हें रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेगी और मुख्यधारा में शामिल होने का पूरा अवसर देगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सरेंडर का सिलसिला तेज हो रहा है और सरकार नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।
शाह का संदेश
गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य हिंसा नहीं, बल्कि शांति और विकास है। “हम किसी पर गोली चलाना नहीं चाहते। नक्सली यदि हथियार डाल दें, तो हम उन्हें रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेंगे। उन्हें नई जिंदगी, सम्मान और मुख्यधारा में शामिल होने का पूरा मौका दिया जाएगा।”
शाह ने जोर देकर कहा कि नक्सलवाद का रास्ता अब खत्म होने की कगार पर है। सरकार की दोहरी रणनीति—कठोर सुरक्षा अभियान और पुनर्वास नीति—अब रंग ला रही है। पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों नक्सलियों ने हथियार डालकर सरेंडर किया है, जिसमें कई हाई-वैल्यू टारगेट शामिल हैं।
सरेंडर का सिलसिला तेज
छत्तीसगढ़ में हाल ही में 51 नक्सलियों ने सरेंडर किया था, जिनमें कई पर लाखों-करोड़ों का इनाम था। शाह ने इसे “नक्सलवाद के ताबूत में आखिरी कील” बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग हिंसा छोड़कर समाज में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार ने बेहतर पुनर्वास पैकेज तैयार किया है।
- आर्थिक सहायता
- रोजगार और शिक्षा की सुविधा
- परिवार की सुरक्षा
- पहचान और सम्मानजनक जीवन
नक्सलवाद के अंत का दावा
Also read:सीएम योगी का साफ संदेश, विधानमंडल बातचीत से चलती है, रुकावट डालकर नहीं
अमित शाह ने दोहराया कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, स्कूल, अस्पताल और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचा रही हैं। “जब गांवों तक विकास पहुंचेगा, तो नक्सलवाद का आधार अपने आप खत्म हो जाएगा।”
विपक्ष और समाज पर संदेश
शाह ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग नक्सलियों को हथियार डालने से रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब जनता और नक्सली दोनों ही समझ चुके हैं कि हिंसा का रास्ता बेकार है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे भी नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए सहयोग करें।
नक्सल मुक्त भारत की ओर
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करना है। शाह का यह बयान न केवल नक्सलियों के लिए एक अंतिम मौका है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी उम्मीद की किरण है जो वर्षों से हिंसा के साये में जी रहे हैं।
INPUT-ANANYA MISHRA
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)

















































