बहराइच (Bahraich) जिले के रूपईडीहा (Rupaidiha) क्षेत्र में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मानव तस्करी का एक प्रयास नाकाम हो गया। बॉर्डर इन्वेस्टिगेटिंग टीम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और देहात संस्था की संयुक्त कार्रवाई से एक 15 वर्षीय नेपाली नाबालिग किशोरी को सुरक्षित बरामद किया गया।
पूछताछ क्या कुछ पता चला?
किशोरी ने पूछताछ में अपना नाम सीरू दमाई (Siru Damai), पिता राम प्रसाद दमाई, निवासी चाना वार्ड नंबर 01, जिला जुमला, नेपाल बताया। उसके साथ मौजूद नेपाली युवक ने खुद को साहिल कुरैशी (Sahil Qureshi), 19 वर्ष, पिता जाकिर कसाई, निवासी ग्राम खजुरा वार्ड नंबर 07, जिला बाँके, नेपाल बताया।
नौकरी का झांसा
जांच में पता चला कि साहिल कुरैशी नौकरी का झांसा देकर किशोरी को भारत ला रहा था। संभावित रूप से आगे दिल्ली या अन्य शहरों में गलत धंधे में धकेलने की साजिश थी। चेक पोस्ट पर संदेह होने पर दोनों को रोका गया, उम्र और पते में असंगति पाई गई, जिसके बाद मानव तस्करी का मामला सामने आया।
आवश्यक कार्रवाई
किशोरी को आवश्यक कार्रवाई के बाद देहात इंडिया बहराइच के माध्यम से नेपाल के शांतिपूर्ण स्थापना गृह (संरक्षण गृह) को सौंप दिया गया। आरोपी युवक साहिल कुरैशी को नेपाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। एसएसबी के सहायक कमांडेंट और अन्य अधिकारियों ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। यह घटना भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी, खासकर नाबालिग लड़कियों की तस्करी के बढ़ते मामलों की कड़ी है, जहां नौकरी, शादी या बेहतर जीवन का लालच देकर युवतियों को लुभाया जाता है।














































