फिल्म ‘ओ रोमियो’ हाल ही में रिलीज हुई है और दर्शकों के बीच खूब पसंद की जा रही है। फिल्म में हुसैन दलाल ने ‘छोटू’ का किरदार निभाया है, जिसमें उन्होंने अपनी सहज और स्वाभाविक अभिनय क्षमता से सबका दिल जीत लिया है। हुसैन का व्यक्तित्व बेहद शर्मीला और शांत है, लेकिन इस फिल्म के लिए उन्होंने अपने अंदर के डर को पार किया। उन्होंने डायरेक्टर विशाल भारद्वाज को सीधे मैसेज भेजकर ऑडिशन का मौका मांगा, जिसके बाद उन्हें यह भूमिका मिली।
हुसैन दलाल ने अपनी पूरी फिल्मी यात्रा, सेट पर के अनुभव और निजी संघर्षों के बारे में खुलकर बताया। उन्होंने कहा कि शाहिद कपूर के साथ काम करना उनके लिए सपनों के सच होने जैसा अनुभव था।
शर्मीले स्वभाव से फिल्म तक का सफर
हुसैन दलाल बताते हैं कि वे बचपन से ही बहुत शर्मीले रहे हैं। बोलने में झिझकते थे और लोगों के सामने आने से डर लगता था। लेकिन एक्टर बनने का सपना बहुत पुराना था। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा सोचता था कि स्क्रीन पर लोग जो करते हैं, वो मैं भी कर सकता हूं। लेकिन सामने आने का डर बहुत था। फिर एक दिन मैंने सोचा कि अगर मैं कोशिश भी नहीं करूंगा तो मौका कैसे मिलेगा।”
फिल्म ‘ओ रोमियो’ के लिए जब ऑडिशन का मौका मिला तो हुसैन ने हिम्मत जुटाकर विशाल भारद्वाज को सीधे मैसेज भेजा। उन्होंने लिखा कि वे छोटू का किरदार निभाना चाहते हैं। विशाल भारद्वाज ने उन्हें ऑडिशन के लिए बुलाया और पहले ही मीटिंग में किरदार दे दिया। हुसैन ने कहा, “वो पल मेरे लिए बहुत खास था। मैंने सोचा था कि शायद कभी नाम भी न हो, लेकिन विशाल सर ने मुझ पर भरोसा किया।”
शाहिद कपूर के साथ काम का अनुभव
हुसैन के लिए शाहिद कपूर के साथ काम करना सबसे यादगार रहा। उन्होंने कहा, “शाहिद सर बहुत सहज और मददगार हैं। सेट पर वे सबको बराबर समय देते थे। मेरे साथ पहली सीन में ही उन्होंने कहा कि ‘तुम बस खुद रहो, कुछ बनने की कोशिश मत करो’। उनकी वजह से मुझे कॉन्फिडेंस मिला।”
हुसैन ने बताया कि शूटिंग के दौरान शाहिद सर ने कई बार उन्हें टिप्स दिए। उन्होंने कहा, “एक सीन में मैं बहुत नर्वस था। शाहिद सर ने ब्रेक लिया और मुझे अलग से समझाया कि ‘कैमरा तुम्हारे लिए नहीं है, तुम्हारे लिए दर्शक हैं’। उस दिन से मेरा डर काफी कम हो गया।”
फिल्म में छोटू का किरदार और चुनौतियां
‘छोटू’ का किरदार हुसैन के लिए बहुत खास रहा। उन्होंने कहा कि छोटू एक साधारण, शर्मीला और भावुक लड़का है, जो अपने परिवार और दोस्तों से बहुत प्यार करता है। हुसैन ने बताया, “मैं खुद भी शर्मीला हूं, इसलिए छोटू का किरदार मुझे बहुत सूट करता था। लेकिन कुछ सीन में बहुत इमोशनल होना पड़ा, जो मेरे लिए चुनौती थी। मैंने बहुत प्रैक्टिस की और डायरेक्टर सर की मदद से वो सीन अच्छे से किए।”
परिवार और समाज का साथ
हुसैन ने कहा कि उनके परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया। शुरुआत में जब वे एक्टर बनने की बात करते थे तो लोग हंसते थे, लेकिन आज सब गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरी मां और पिता ने कभी नहीं रोका। वे कहते थे कि जो मन में है वो करो। आज उनकी दुआओं से ही मैं यहां हूं।”
भविष्य की योजनाएं
हुसैन दलाल ने कहा कि ‘ओ रोमियो’ उनके लिए बहुत बड़ी शुरुआत है। अब वे और अच्छे किरदारों की तलाश में हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि लोग मुझे अलग-अलग रोल में देखें। कॉमेडी, ड्रामा, इमोशनल रोल – सब करना चाहता हूं। विशाल सर जैसे डायरेक्टर्स के साथ काम करना चाहता हूं।”
फिल्म ‘ओ रोमियो’ में हुसैन दलाल का अभिनय दर्शकों को बहुत पसंद आया है। सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ हो रही है। कई लोग लिख रहे हैं कि “छोटू का किरदार दिल छू गया”। हुसैन की यह सफलता बताती है कि अगर हिम्मत और मेहनत हो तो कोई भी सपना पूरा हो सकता है।
INPUT-ANANYA MISHRA















































