UP: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में UPSC सिविल सर्विसेज के रिजल्ट घोषित होने के बाद खुशी का माहौल बन गया। शिखा गौतम ने कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा दी थी और रिजल्ट देखकर भावुक हो गई। उसे लगा कि उसने UPSC में सफलता हासिल कर ली है और अपनी खुशी का असर परिवार और रिश्तेदारों के साथ साझा किया। गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ उसका स्वागत किया गया और लगभग 1200 लोग इस जश्न में शामिल हुए।
नाम देखकर हुई जल्दबाजी
शिखा गौतम ने केवल रिजल्ट में अपना नाम देखा और रोल नंबर की पुष्टि नहीं की। इस वजह से उसने अपने परिवार और मित्रों को जानकारी दे दी कि वह IAS बन गई है। शिखा ने मीडिया से कहा, ‘मुझसे गलती हो गई। मैंने केवल नाम देखा, रोल नंबर नहीं चेक किया। असल में सिलेक्शन हुई दूसरी शिखा हैं।
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परिवार में हुई भावनाओं की लहर
शिखा के पिता प्रेमचंद ने बताया कि घर में खुशी की लहर दौड़ गई थी। ‘हम उस समय घर पर भी नहीं थे, पत्नी का ऑपरेशन करवा रहे थे। खुशी के मारे शिखा पूरी जानकारी नहीं देख पाई और केवल नाम देखकर भावुक हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार ने हमेशा बच्चों को पढ़ाई में सहयोग किया है और हर सदस्य की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
पढ़ाई और करियर की यात्रा
शिखा गौतम ने शुरू से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने बुलंदशहर से 10वीं और गांधी बाल निकेतन से 12वीं की पढ़ाई की, इसके बाद IP कॉलेज से B.Sc. की डिग्री ली और बीटीसी किया। शिखा का शुरुआती सपना टीचर बनने का था, क्योंकि उनके माता-पिता शिक्षा विभाग से जुड़े हैं। उनकी बड़ी बहनें पहले ही टीचर बन चुकी हैं और सबसे छोटी बहन पुलिस सेवा की तैयारी कर रही है।
परिवार का गर्व और प्रेरणा
शिखा के भाई मोनू ने कहा कि माता-पिता ने हमेशा बच्चों को किसी कमी के बिना पाला। आज हमें गर्व हो रहा है कि हमारी बहन ने समाज और जिले का नाम रोशन किया। उन्होंने हमें यह दिखाया कि लगन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। परिवार के लिए यह अनुभव गर्व और प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
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