मुझे अपने मौसा के साथ ही रहना है…यूपी में रिश्तों की मर्यादा तार-तार, मौसा संग रहने की जिद पर युवती का हाईप्रोफाइल ड्रामा

फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर (Fatehpur) जिले में रिश्तों की मर्यादा को झकझोर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवती अपने ही मौसा के साथ रहने की जिद पर इस कदर अड़ गई कि मामला सड़क पर आ गया और घंटों तक हाईप्रोफाइल ड्रामा चलता रहा। तमाशबीनों की भारी भीड़ जुटी रही, लेकिन हालात काबू में करने में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते रहे।

मुझे अपने खालू के साथ ही रहना है…

जानकारी के मुताबिक, जिले के एक गांव की युवती शादीपुर स्थित अपने मौसा के घर आई थी। इसी दौरान परिजन उसे जबरन ऑटो में बैठाकर ले जाने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती ने बीच सड़क पर जोर-जोर से चिल्लाते हुए कहा कि वह अपने ‘खालू’ (मौसा) के साथ ही रहना चाहती है और उन्हीं की पत्नी बनकर रहना चाहती है।  हैरानी की बात यह है कि संबंधित मौसा पहले से शादीशुदा हैं।  इसके बावजूद युवती अपने फैसले पर अडिग रही। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, युवती ने यहां तक कह दिया, सबकी दो बीवियां होती हैं, मुझे उनके साथ ही रहना है।

Also Read: देवर ने भाभी के बेडरूम में लगाया कैमरा! देवर की हरकत ने उड़ाए सभी के होश, सच जानकर पुलिस भी रह गई सन्न

पत्नी का गंभीर आरोप

मौसा मो. शकील की पत्नी चांदनी ने बताया कि युवती उनकी सगी बहन की बेटी है। करीब 18 महीने पहले, प्रसव के दौरान ऑपरेशन में मदद के लिए उसे घर बुलाया गया था। पत्नी का आरोप है कि इसी दौरान युवती और उनके पति के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसको लेकर घर में कई बार तनाव हुआ और विवाद की स्थिति तक पैदा हुई।

सड़क पर सैकड़ों की भीड़

घटना की सूचना पर Dial 112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी घंटों तक तमाशबीन बने रहे और स्थिति को शांत कराने की ठोस पहल नहीं की. सड़क पर भारी भीड़ जमा रही और पूरा घटनाक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।

Also Read: प्रेगनेंसी में महिला ने चाकू से फाड़ डाला अपना पेट! प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला ने उठाया खौफनाक कदम

तहरीर नहीं, लेकिन सवाल कई

चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे घटनाक्रम के बावजूद थाने में अब तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। हालांकि, यह मामला इलाके में कौतूहल, चर्चा और तरह-तरह की प्रतिक्रियाओं का कारण बना हुआ है. रिश्तों की मर्यादा, सामाजिक परंपराओं और कानून तीनों को कटघरे में खड़ा करने वाली यह घटना अब जनपद में बहस का मुद्दा बन चुकी है। पुलिस की निष्क्रियता और परिवार के भीतर के इस विवाद ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)