बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए वोटिंग के बीच मोकामा से जदयू के विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह का विधानसभा पहुंचे जहां उनका बयान चर्चा का विषय बन गया। बेऊर जेल में बंद होने के बावजूद, कड़ी सुरक्षा और भारी पुलिस पहरे के बीच अनंत सिंह ने मतदान केंद्र का दौरा किया।
राजनीति से संन्यास का ऐलान
वोट डालने के बाद मीडिया से बात करते हुए अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि यह उनका विधायक के रूप में आखिरी कार्यकाल है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी वफादारी जताते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री न रहें, तो वे भविष्य में किसी विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ही उन्हें राजनीति में लाए थे, इसलिए उनके बिना राजनीति में बने रहने का कोई मतलब नहीं।
बेटों को सौंपेंगे राजनीतिक विरासत
अनंत सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अब वह चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनकी राजनीतिक विरासत उनके बच्चों के हाथों में जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में उनके बेटे अंकित और अभिषेक, जो उच्च शिक्षा के लिए लंदन में रहे हैं, मोकामा विधानसभा क्षेत्र की कमान संभालेंगे। हाल ही में उनके बेटों और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई मुलाकात भी काफी सुर्खियों में रही।
निशांत कुमार को भविष्य का विकल्प बताया
अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीतिक भविष्य पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार में मुख्यमंत्री बनने की सभी योग्यताएं मौजूद हैं। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का होगा, लेकिन अनंत सिंह ने निशांत कुमार को एक सक्षम और योग्य विकल्प के रूप में देखा।
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बिहार राजनीति में बहस की नई लकीर
अनंत सिंह की राजनीतिक संन्यास और उनके बच्चों के भविष्य की घोषणा ने बिहार की सियासत में नई बहस को जन्म दे दिया है। उनके बयान और शैली ने यह साफ कर दिया कि मोकामा से लेकर राज्य स्तरीय राजनीति तक, अनंत सिंह का नाम और उनके परिवार का राजनीतिक प्रभाव अभी भी कायम है।

















































