बरेली के मोहम्मदगंज में 200 हिंदू परिवारों ने किया पलायन का ऐलान, घरों के बाहर लगे ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर

बरेली: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली (Bareilly) जिले के विशारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव में सामूहिक नमाज को लेकर विवाद तेज हो गया है। गांव में मुस्लिम बहुल आबादी है, जबकि करीब 200 हिंदू परिवार रहते हैं। इन हिंदू परिवारों ने अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए हैं और गांव से पलायन की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे स्थिति बिगड़ गई है।

विवाद की जड़

गांव में दशकों से मस्जिद को लेकर विवाद चल रहा है। गांव में कोई मस्जिद नहीं होने के कारण मुस्लिम समुदाय के लोग पहले 1 किलोमीटर दूर पड़ोसी गांव में नमाज अदा करने जाते थे।हालांकि, आरोप है कि पिछले कुछ समय से गांव में एक खाली घर को मदरसा या नमाज स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और वहां सामूहिक नमाज, खासकर जुम्मे की नमाज, पढ़ी जा रही है। हिंदू समुदाय ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि यह गतिविधि बिना किसी अनुमति के हो रही है और इससे गांव में तनाव बढ़ रहा है।

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सामूहिक नमाज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

16 जनवरी 2026 को इस सामूहिक नमाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद हिंदू ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई। उस समय पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया था (कुछ रिपोर्टों में संख्या 15 बताई गई), लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। हिंदू परिवारों का आरोप है कि प्रशासन ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की, जिससे मुस्लिम समुदाय ने घर में नमाज जारी रखी।

हिंदू परिवारों की प्रतिक्रिया

नाराज हिंदू परिवारों ने कहा कि वे डर और असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। वे आरोप लगाते हैं कि समुदाय विशेष की ‘मनमानी’ से गांव में रहना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की कथित अनदेखी से हताश होकर उन्होंने पलायन का फैसला किया और घरों के बाहर पोस्टर लगाए। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे वास्तव में घर बेचकर चले जाएंगे।

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प्रशासन की स्थिति

बरेली पुलिस और जिला प्रशासन ने कहा है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। पहले की घटना में पुलिस ने कार्रवाई की थी, लेकिन विवाद फिर से उभरा है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक गतिविधि के लिए अनुमति जरूरी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाएगी। हालांकि, हिंदू परिवारों का आरोप है कि शिकायतों पर कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया।

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