नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक महत्वपूर्ण पोस्ट में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) की रूपरेखा पर सहमति की जानकारी दी है। पीएम मोदी ने लिखा कि दोनों महान देशों के बीच इस समझौते से साझेदारी की गहराई, विश्वास और गतिशीलता का पता चलता है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मजबूत संबंधों के लिए उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया।
पीएम मोदी का पूरा पोस्ट
हम दो महान देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं। मैं राष्ट्रपति ट्रंप को दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देता हूं। यह रूपरेखा हमारी साझेदारी की गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाती है।
समझौते की मुख्य बातें
- अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर रिसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% करने का फैसला किया है।
- भारत ने अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों (जैसे सोयाबीन ऑयल, वाइन, स्पिरिट्स, फल, नट्स आदि) पर टैरिफ कम करने या खत्म करने पर सहमति जताई है।
- समझौता रूसी तेल आयात कम करने और अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों की खरीद बढ़ाने से जुड़ा है, जिसे ट्रंप ने पहले भी जोर देकर कहा था।
- यह समझौता व्यापक बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसकी बातचीत फरवरी 2025 से चल रही है।
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दोनों नेताओं की प्रतिक्रिया
पीएम मोदी ने इस समझौते को ‘मेक इन इंडिया’ के लिए नई संभावनाएं खोलने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स, मत्स्य पालकों और युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। निवेश और तकनीकी साझेदारी भी गहरी होगी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पोस्ट में इसे “दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक” बताया और कहा कि भारत अब अमेरिकी ऊर्जा, तकनीक और कृषि उत्पादों की अधिक खरीद करेगा। ट्रंप ने मोदी को “महान मित्र” कहते हुए संबंधों को और मजबूत करने की बात की।
भारत में प्रतिक्रियाएं
समझौते पर विपक्ष ने कुछ आलोचना की है। कांग्रेस और अन्य दलों ने इसे “अमेरिका के पक्ष में” बताते हुए किसानों और स्थानीय उत्पादों पर प्रभाव की चिंता जताई। कुछ ने रूसी तेल आयात कम करने के फैसले को “समर्पण” कहा। हालांकि, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे “निष्पक्ष, संतुलित और लाभकारी” बताया और कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों को 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे लाखों नौकरियां पैदा होंगी।
यह समझौता भारत-अमेरिका संबंधों में एक नया अध्याय है, जो व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। दोनों पक्ष अब औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर की तैयारी में हैं।
INPUT-ANANYA MISHRA












































