गुजरात (Gujrat) के कोबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने ‘सम्राट संप्रति संग्रहालय’ का उद्घाटन करते हुए जैन परंपरा और अहिंसा के मूल्यों को देश की सांस्कृतिक धरोहर का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय न केवल इतिहास को संजोने का प्रयास है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी हमारी विरासत से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
विरासत संरक्षण पर जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुमूल्य पांडुलिपियों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में लंबे समय तक लापरवाही बरती गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इन कमियों को दूर कर देश की सांस्कृतिक संपदा को सुरक्षित रखने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
20 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करीब 20 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत कर रही हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
ऊर्जा और वैश्विक स्थिति पर बयान
रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जल्द ही रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने पश्चिम एशिया के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने स्थिति को संतुलित ढंग से संभाला है, जबकि विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है।
ईंधन कीमतों और विपक्ष पर आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई देशों ने ईंधन की कीमतें बढ़ाई हैं, लेकिन भारत सरकार ने इसका बोझ आम जनता पर नहीं डाला।भारत ने स्थिति को अच्छे से संभाला, लेकिन विपक्ष अराजकता फैला रहा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को भड़काने और अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है, जबकि देश हर संकट से निपटने में सक्षम है।
















































