पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण संकट गहराता जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को आंशिक रूप से बंद किया गया है। हालांकि, इस अहम समुद्री जलमार्ग से गुजरने के लिए भारत के तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के और टैंकर कतार में खड़े हैं। इससे पहले, शुक्रवार को दो भारतीय एलएनजी टैंकरों को इससे गुजरने की अनुमति मिली थी। विश्वसनीय सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में कितने भारतीय जहाज?
भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज फारस की खाड़ी में काम कर रहे हैं। इन सभी भारतीय जहाजों और चालक दल की सुरक्षा और सुरक्षा के लिए सक्रिय रूप से निगरानी की जा रही है। इनमें से 24 भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में हैं, जिनमें 677 नाविक हैं। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट के पूर्व में चार जहाज हैं, जिनमें 101 भारतीय नाविक सवार हैं।
हालात पर करीब से नजर रख रहा जहाजरानी मंत्रालय
जहाजरानी महानिदेशालय(डीजीएस) के 12 मार्च के आंकड़ों के अनुसार, ये जहाज करीब 2,15,000 टन तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी), 4,15,000 टन तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और लगभग 17.5 लाख टन कच्चा तेल ले जा रहे थे। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा समुद्री स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है। मंत्रालय ने उस क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए निगरानी और तैयारी के मजबूत उपाय किए हैं।
जल्द भारत पहुंचेंगे दो तेल टैंकर
इस बीच, दो तेल टैंकर शिवालिक और नंदा देवी अगले कुछ दिनों में देश में पहुंचने वाले हैं। ये जहाज राज्य के स्वामित्व वाली शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के हैं। सरकार के सूत्रों ने कहा कि शिवालिक को भारतीय नौसेना की ओर से सुरक्षित मार्गदर्शन दिया जा रहा है। अगले दो दिनों में किसी भारतीय बंदरगाह संभवतः मुंबई या कांडला पर इसके पहुंचने की उम्मीद है। यह जहाज खुले समुद्र में पहुंच चुका है और भारतीय नौसेना के दिशानिर्देश में सुरक्षित रूप से आगे बढ़ रहा है। इस बीच, नंदा देवी में 46 हजार मीट्रिक टन से अधिक तरल पेट्रोलियम गैस (एलएनजी) है, जो भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए अहम है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच वस्तुओं और ऊर्जा के प्रवाह पर उच्च स्तरीय वार्ता हुई थी। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने शुक्रवार को संकेत दिया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाज जल्द होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं।
INPUT-ANANYA MISHRA
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