‘मुझसे गलती से हो गया…’, लखनऊ ‘नीला ड्रम’ मर्डर केस, मानवेंद्र सिंह के हत्यारे बेटे अक्षत ने तोड़ी चुप्पी

UP: लखनऊ (Lucknow) के आशियाना थाना क्षेत्र में हुए नीला ड्रम हत्याकांड में आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह (Akshat Pratap Singh) ने अपनी गलती मान ली है। 25 फरवरी 2026 को लोकबंधु अस्पताल में मेडिकल जांच और सीन रिक्रिएशन के लिए ले जाते समय मीडिया से बातचीत में अक्षत ने सिर झुकाकर कहा, सॉरी, गलती से हो गया था। उसने पुष्टि की कि NEET/पढ़ाई को लेकर पिता पर दबाव था, जिससे गुस्सा आया। हालांकि, बहन कृति की मिलीभगत के आरोप को उसने सिर हिलाकर नकार दिया। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लिया है और जांच जारी है।

अक्षत का बयान

अक्षत ने कहा कि वह अब अपनी गलती पर पछता रहा है। पुलिस पूछताछ में अक्षत ने कबूल किया कि 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता मानवेंद्र सिंह से पढ़ाई को लेकर विवाद हुआ। गुस्से में उसने पिता की लाइसेंसी राइफल से सिर पर गोली मार दी, जिससे मौत हो गई।

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अक्षत ने सबूत मिटाने का किया प्रयास 

हत्या के बाद अक्षत ने सबूत मिटाने के लिए पिता के शव को आरी से दो हिस्सों में काट दिया। आधा हिस्सा नीले ड्रम में बंद कर घर में रखा। पुलिस ने शव के टुकड़े बरामद किए और फोरेंसिक जांच में गोली और कटाई की पुष्टि हुई। अक्षत ने खुद पिता की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन विरोधाभास मिलने पर गिरफ्तार हुआ। पुलिस का कहना है कि हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी, लेकिन शव ठिकाने लगाने की कोशिश सुनियोजित थी।

परिवार की स्थिति और अंतिम संस्कार

मानवेंद्र सिंह (50 वर्ष) पैथोलॉजी लैब और शराब कारोबारी थे। अक्षत (19 वर्ष) ग्रेजुएशन कर रहा था और पहले भी घर छोड़कर जा चुका है। परिवार में सदमा इतना गहरा है कि अक्षत को अंतिम संस्कार में शामिल नहीं किया गया। अंतिम संस्कार उनके भतीजे के हाथों हुआ। परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि पढ़ाई को लेकर पिता-पुत्र में अक्सर विवाद होते थे। बहन कृति की भूमिका की भी जांच चल रही है, लेकिन अक्षत ने उसकी संलिप्तता से इनकार किया है।

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पुलिस जांच 

आशियाना पुलिस ने अक्षत पर IPC की धारा 302 (हत्या) और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सीन रिक्रिएशन के दौरान अक्षत ने पूरी घटना दोहराई। पुलिस ने क्राइम सीन से हथियार और अन्य सबूत जुटाए हैं। जांच में बहन कृति और अन्य की भूमिका की पड़ताल हो रही है। यदि जरूरी हुआ तो ब्रेन मैपिंग या नार्को टेस्ट भी किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी। यह मामला पढ़ाई के दबाव से होने वाली हिंसा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

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