जौनपुर: एडेड कॉलेजों में लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों का असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। मानदेय में बढ़ोतरी और सेवा विनियमित किए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां शिक्षकों ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के जल्द समाधान की मांग उठाई।
वर्षों की सेवा के बावजूद कम मानदेय मिलने का आरोप
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प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से महाविद्यालयों में पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। शिक्षकों के मुताबिक मौजूदा मानदेय में परिवार की जरूरतें पूरी करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है और उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार उठाई आवाज, फिर भी नहीं निकला समाधान
शिक्षकों ने बताया कि मानदेय बढ़ाने और सेवा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए वे लंबे समय से शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इस दौरान कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांगें अधिकारियों एवं सरकार के सामने रखी गईं, लेकिन उनका आरोप है कि अभी तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के बहिष्कार का ऐलान
आंदोलन कर रहे शिक्षकों ने शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के बहिष्कार की भी घोषणा की। उनका कहना है कि जब तक उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं होता और उन्हें सम्मानजनक मानदेय नहीं मिलता, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। शिक्षकों ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
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मुख्यमंत्री से सेवा सुरक्षा और मानदेय बढ़ाने की मांग
शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि एडेड कॉलेजों में वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए। साथ ही उनकी सेवा को विनियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए, जिससे शिक्षकों को आर्थिक स्थिरता के साथ सेवा संबंधी सुरक्षा भी मिल सके।
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