कानपुर: PSIT कॉलेज में छात्रों का भारी हंगामा, ACP ने दौड़ाकर लाठीचार्ज किया  BCA छात्र की मौत के विरोध में तोड़फोड़, कॉलेज 8 मार्च तक बंद

कानपुर के पनकी स्थित प्रज्ञा स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (PSIT) कॉलेज में बुधवार (25 फरवरी 2026) सुबह 10 बजे से भारी हंगामा शुरू हो गया। सोमवार को कैंपस में जेसीबी से टकराकर BCA फाइनल ईयर के छात्र प्रखर सिंह की मौत के विरोध में करीब 3 हजार छात्रों ने कॉलेज में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। छात्रों ने दरवाजे, खिड़कियां, टेबल-कुर्सियां और अन्य सामान तोड़ दिया। पुलिस और PAC की भारी फोर्स मौके पर पहुंची, लेकिन दोपहर 1 बजे बवाल बढ़ गया। पुलिस ने छात्रों को हटाने के लिए दौड़ाकर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। शाम तक छात्रों की मांगें मान ली गईं और कॉलेज को 8 मार्च तक बंद कर दिया गया है।

छात्र की मौत और हंगामे की शुरुआत

सोमवार को PSIT कॉलेज कैंपस में निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी से टकराकर BCA फाइनल ईयर के छात्र प्रखर सिंह (निवासी रतनलाल नगर) की मौत हो गई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि छात्र की किडनी, लंग्स और पैनक्रियाज डैमेज हो गए, और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में निर्माण कार्य के दौरान कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं थे, जिससे हादसा हुआ। कॉलेज प्रबंधन ने इसे कैंपस के बाहर का मामला बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। मृतक छात्र के परिवार और साथियों ने न्याय की मांग की, जिसके विरोध में बुधवार सुबह छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया।

तोड़फोड़ और पुलिस की मौजूदगी

सुबह 10 बजे से छात्रों ने कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ शुरू की। सचेंडी, पनकी, अरमापुर, कल्याणपुर सहित 7-8 थानों की पुलिस फोर्स और PAC की कंपनियां मौके पर पहुंचीं। छात्रों ने कॉलेज के गेट, कक्षाओं, लाइब्रेरी और अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ की। दोपहर 1 बजे बवाल चरम पर पहुंच गया, जब पुलिस ने छात्रों को कैंपस से बाहर करने के लिए दौड़ाकर लाठीचार्ज किया। कई छात्र गिरकर घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और 10 एंबुलेंस एहतियातन तैनात की गईं। DCP वेस्ट एसएम कासिम आब्दी, DCP वेस्ट कपिलदेव, ACP कल्याणपुर आशुतोष कुमार और ACP अमरनाथ यादव ने छात्रों को समझाने की कोशिश की।

छात्रों की मांगें मानी गईं, कॉलेज बंद

लंबे हंगामे और लाठीचार्ज के बाद शाम को छात्रों की मुख्य मांगें मान ली गईं। कॉलेज प्रबंधन ने टाइमिंग में बदलाव का आश्वासन दिया और जल्द ही इसे लागू करने का वादा किया। फिलहाल बवाल को देखते हुए कॉलेज को 8 मार्च तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। कैंपस में अभी भी PAC तैनात है और सभी छात्र घर लौट चुके हैं। छात्रों ने कहा कि मृतक प्रखर सिंह के परिवार को मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कॉलेज प्रबंधन ने हादसे पर दुख जताया है और जांच का आश्वासन दिया है।

कैंपस में सुरक्षा की कमी पर सवाल

छात्रों का मुख्य आरोप है कि कॉलेज में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। जेसीबी के आसपास बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगे थे, जिससे हादसा हुआ। कई छात्रों ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने पहले भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की है। यह घटना कानपुर में कॉलेज कैंपस में सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

क्षेत्र में तनाव और आगे की स्थिति

हंगामे के बाद पनकी और आसपास के इलाके में तनाव बना हुआ है। कॉलेज बंद होने से छात्रों को राहत मिली है, लेकिन मृतक छात्र के परिवार में गहरा शोक है। पुलिस ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ पर सख्त कार्रवाई होगी। यह घटना कानपुर में छात्र आंदोलनों की नई कड़ी है, जहां सुरक्षा और न्याय की मांग तेज हो रही है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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