कानपुर में सामने आए किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी डॉ. अफजल के करीबी सहयोगी परवेज सैफी को गिरफ्तार कर लिया है। रावतपुर इलाके से हुई इस गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 10 लाख रुपये नकद भी बरामद किए, जिन्हें अवैध अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी कमाई बताया जा रहा है। यह कार्रवाई पुलिस के लिए एक अहम सफलता मानी जा रही है।
वायरल वीडियो बना जांच की अहम कड़ी
इस पूरे मामले में एक वायरल वीडियो ने पुलिस की जांच को निर्णायक दिशा दी। वीडियो में परवेज सैफी और डॉ. अफजल को बड़ी मात्रा में नकदी के साथ बैठे देखा गया था। बताया जा रहा है कि यह वीडियो कल्याणपुर के एक होटल में शूट किया गया था, जिसमें 500 रुपये के नोटों का ढेर साफ नजर आ रहा था। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस ने पैसों के लेन-देन की पुष्टि की।
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अवैध ऑपरेशन से जुड़ी थी बरामद रकम
पुलिस जांच के अनुसार, यह रकम किडनी के अवैध ट्रांसप्लांट के बदले हासिल की गई थी। जानकारी के मुताबिक, डॉ. अफजल को इस सौदे में करीब 22 लाख रुपये मिले थे, जिनमें से लगभग 10 लाख रुपये परवेज सैफी को सौंपे गए थे। यही रकम अब पुलिस ने बरामद कर ली है, जिससे मामले की पुष्टि और मजबूत हुई है।
मोबाइल लोकेशन से मिली सफलता
छापेमारी के बाद से फरार चल रहा सैफी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था और कानूनी सलाह भी ले रहा था। लेकिन जैसे ही उसने अपना मोबाइल फोन चालू किया, पुलिस की सर्विलांस टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी के नेतृत्व में पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और मात्र 15 मिनट के भीतर उसे पकड़ लिया।
सैफी सिर्फ ड्राइवर नहीं, था अहम किरदार
जांच में सामने आया है कि परवेज सैफी की भूमिका सिर्फ ड्राइवर तक सीमित नहीं थी। वह डॉ. अफजल का भरोसेमंद सहयोगी था और पैसों के लेन-देन के साथ-साथ विभिन्न ठिकानों पर आने-जाने की व्यवस्था संभालता था। पुलिस अब उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है और उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ में इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
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