मणिपुर (Manipur) में नए मुख्यमंत्री के रूप में युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) ने शपथ ग्रहण की। उन्हें बीजेपी विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मचा किपगेन और लोसी दिखो ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। लोसी डिखो नागा पीपल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विधायक हैं, जो राज्य में गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं।
राज्य में पिछले साल मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू था। बीरेन सिंह ने लगातार जारी जातीय हिंसा और गैर-आदिवासी मैतेई व आदिवासी कुकी समुदायों के बीच तनाव को देखते हुए 9 फरवरी को पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे राज्य में राजनीतिक अस्थिरता का दौर समाप्त होने की उम्मीद बढ़ी।
3 मई, 2023 को मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के विरोध में आयोजित ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के बाद मणिपुर में जातीय हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए, लगभग 1,500 घायल हुए और 70,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए। मणिपुर बीजेपी ने कहा कि युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में राज्य शांति, विकास और सुशासन की ओर आगे बढ़ेगा, जिससे स्थिरता और प्रगति के नए युग की शुरुआत होगी।
बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले कुछ महीनों में मैतेई और कुकी समुदाय के विधायकों, सहयोगी दल एनपीएफ और एनपीपी तथा कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ कई बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य यह समझना था कि क्या वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियाँ सरकार के गठन के लिए अनुकूल हैं। इन तैयारियों के बाद ही युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार का गठन संभव हो सका।
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