उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण (Conversion) रैकेट की जड़ें काफी भीतर तक घुसीं हुईं पाई गईं. मज़हबी फरेब को लेकर हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं, जिनमें बहला-फुसलाकर, पैसे का लालच या डरा-धमकाकर लोगों को मुसलमान बनाया गया है. ऐसा ही एक मामला राजधानी लखनऊ (Lucknow) के डंडहिया के मेहंदी टोला से सामने आया है, जंहा प्रिंयका सेन (Priyanka Sen) नाम की लड़की ने बहलाने फुसलाने के बाद घरवालों का विरोध कर अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर लिया और अब वो प्रियंका सेन से ‘फातिमा मुहम्मद फारूख’ हो गयी है.
प्रियंका सेन उर्फ फातिमा फारूख की मां माया सेन के मुताबिक साल 2010 में उनके पति के देहांत के बाद परिवार को पैसों की दिक्कत होने लगी. जिसके बाद बेटी प्रियंका ने हजरतगंज के एक शोरूम में नौकरी कर ली. कुछ ही महीनों की नौकरी के बाद प्रियंका उर्फ फातिमा ने अपनी मां से नौकरी के लिए मुम्बई जाने की बात की. फातिमा ने बताया कि उसकी बात शोरूम में काम कर रहे किसी शख्स से हुई जो उसकी अच्छी तनख्वाह पर नौकरी लगवा रहा है. मां ने भी गरीबी के कारण प्रियंका को जाने की इजाजत दे दी. हांलाकि इस बीच प्रियंका ने घरवालों से दूरी बना ली और मां के फोन करने पर हर बार अलग-अलग लोकेशन बताती. लेकिन जब पड़ोसियों ने प्रियंका को लेकर कुछ अजीब बातें बतायी तो मां ने फोन पर डांट डपटकर पूछा तो पता चला कि प्रियंका ने न सिर्फ मुहम्मद फारूख नाम के शख्स से शादी कर ली है, बल्कि अपना धर्म परिवर्तन भी कर लिया है.
प्रॉपर्टी के लिए मां संग की मारपीट
इसके दो साल के बाद प्रियंका अपने घरवालों से मिलने लखनऊ आयी तो मां ने अपनाने से इनकार दिया तो वो मुस्लिम पड़ोसियों के साथ कुछ दिन रहकर चली गयी. इसके काफी सालों के बाद प्रियंका उर्फ फातिमा 8 महीने पहले एक बार फिर लखनऊ आयी, लेकिन इस बार उसने शरीयत कानून के हिसाब से घर और प्रापर्टी में अपना हिस्सा मांगा और न देने पर अपने पति के साथ मिलकर मां और भाई के साथ मारपीट की और चली गयी. अब प्रियंका उर्फ फातिमा किस शहर में है इसकी जानकारी ना ही घरवालों को है और ना ही रिशेतदारों को.
बहकावे में आकर बनी मुसलमान
प्रियंका की मां माया सिंह रोते रोते बताती है कि उनकी बेटी पढ़ने में बहुत होशियार थी और घरवालों का हाथ बंटाना चाहती थी, लेकिन किसी के बहकावे में उसने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया। लेकिन बेटी के इस तरह धर्म परिवर्तन करवाने और प्रापर्टी के लिए मारपीट करने से दुखी माया सिंह ने अब सारे रिश्ते खत्म कर लिये है और अब उनका कहना कहना है कि प्रियंका उर्फ फातिमा मुहम्मद फारूख से उनका कोई लेना देना नहीं है.
राजेश्वरी से बनीं रजिया
धर्मांतरण कर श्याम प्रताप सिंह से डॉ. उमर गौतम बनने से उसके परिवार ने उससे संबंध खत्म कर लिए थे. उसकी पत्नी भी इससे बेहद आहत थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले की जानकारी पर ससुर ने धर्म वापसी की शर्त पर उमर को ईंट भट्ठा व संपत्ति देने का प्रस्ताव रखा लेकिन उसने इसे ठुकरा दिया. वह पत्नी का ब्रेनवास करता रहा. जिसके चार साल बाद पत्नी भी बुरी टूट गई और वह उमर के साथ दिल्ली लौट कर राजेश्वरी से रजिया गौतम बन गई.
कानपुर का आदित्य बना अब्दुल कादिर
आपको बता दें कि आदित्य मार्च के महीने में घर से लापता हो गया था. जो 20 जून को रहस्यमय हालात में घर वापस लौट आया था. परिवार को घर में उसके धर्मांतरण के बारे में जानकारी अब्दुल कादिर नाम के कन्वर्जन सर्टिफिकेट से हुई. हालांकि, परिवार को अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि असल में वह इस गैंग में कैसे फंस गया.
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