UP: मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण वैश्विक LPG आपूर्ति प्रभावित होने से उत्तर प्रदेश में कुकिंग गैस (LPG) का संकट गहरा गया है। तेल कंपनियों ने घटते स्टॉक की चिंता जताई है और कॉमर्शियल (19 किलो) सिलेंडरों की डिलीवरी पर अघोषित रोक लगा दी है। गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि फिलहाल सिर्फ घरेलू (14.2 किलो) सिलेंडरों की सप्लाई पर फोकस करें। इससे होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक परेशान हैं, जबकि कई शहरों में घरेलू सिलेंडर की डिमांड अचानक बढ़ने से डिलीवरी में भारी देरी हो रही है।
कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकी
तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने घटते स्टॉक के कारण 19 किलो कॉमर्शियल सिलेंडरों की डिलीवरी पर अघोषित रोक लगा दी है। यूपी समेत कई राज्यों में यह स्थिति है। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई नहीं सुधरी तो कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर हैं। यूपी में ढाबा और छोटे होटल संचालक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उनके पास वैकल्पिक ईंधन के विकल्प कम हैं। कुछ जगहों पर कॉमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में महंगे दामों पर बिक रहे हैं। केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए ESMA लागू किया है, जिससे कॉमर्शियल सेक्टर पर दबाव बढ़ गया है।
घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी में देरी
घटते स्टॉक और पैनिक बुकिंग के कारण घरेलू सिलेंडर की डिमांड अचानक बढ़ गई है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों में बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। कई उपभोक्ताओं को 7-8 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। सीतापुर जिले के बर्डपुर गांव में सैकड़ों लोग खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी के बाहर बैठे नजर आए। कुछ जगहों पर ब्लैक मार्केट में सिलेंडर 1500 रुपये तक बिक रहा है। रामजान के कारण डिमांड और बढ़ी है, जिससे आम लोग परेशान हैं।
केंद्र सरकार के कदम
मध्य पूर्व संकट से बचाव के लिए केंद्र ने ESMA के तहत तेल रिफाइनरियों को LPG प्रोडक्शन अधिकतम करने का निर्देश दिया है। घरेलू सिलेंडर बुकिंग का न्यूनतम इंतजार 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि जमाखोरी और पैनिक बुकिंग रुके। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का दावा है कि पर्याप्त स्टॉक है और कोई असली कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों और पैनिक से स्थिति बिगड़ रही है। हाल ही में घरेलू सिलेंडर 60 रुपये महंगा हुआ है (दिल्ली में अब 913 रुपये)।
आम आदमी और व्यापारियों की चिंता बढ़ी
घरेलू उपभोक्ताओं को डिलीवरी में देरी से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। होटल-रेस्टोरेंट संचालक कह रहे हैं कि बढ़ी कीमत देने को तैयार हैं, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल रहा। यूपी में यह संकट पिछले कुछ दिनों से बढ़ा है और अगर सप्लाई नहीं सुधरी तो बड़े स्तर पर असर पड़ सकता है। विपक्ष ने सरकार पर महंगाई और संकट प्रबंधन को लेकर हमला बोला है।
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