यूपी में एलपीजी संकट: एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें, गोरखपुर में पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर वितरण, लखनऊ की चटोरी गली में दुकानें बंद

उत्तर प्रदेश में रसोई गैस (एलपीजी) की कथित किल्लत और अफवाहों के चलते पैनिक की स्थिति बन गई है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होने से कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं में भी घबराहट फैल गई है। कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से शाम तक लंबी कतारें लग रही हैं। गोरखपुर में पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं, जबकि लखनऊ की प्रसिद्ध चटोरी गली में अधिकांश दुकानें और रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए अफवाह फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

गोरखपुर में पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर वितरण

गोरखपुर में इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस की एजेंसियों पर सुबह 3-4 बजे से लोग लाइन में लग रहे हैं। कई जगहों पर हंगामा होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने एजेंसियों के बाहर भारी मौजूदगी दिखाई है। पुलिसकर्मी लाइन को व्यवस्थित रख रहे हैं और एक-एक करके सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुकिंग के 5-7 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हो रही, जिससे वे खुद एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर लेने को मजबूर हैं। पुलिस का कहना है कि पैनिक रोकने और कालाबाजारी न होने देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

लखनऊ में चटोरी गली और बाजारों पर असर

लखनऊ की चटोरी गली, अमीनाबाद, हजरतगंज और कैसरबाग जैसे इलाकों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर न मिलने से अधिकांश छोटे-मोटे रेस्टोरेंट, ढाबे और चाट-पकौड़ी की दुकानें बंद हो गई हैं। कई दुकानदारों ने बताया कि उनके पास स्टॉक खत्म हो गया है और नया सिलेंडर नहीं मिल रहा। घरेलू उपभोक्ताओं को भी डिलीवरी में 4-7 दिन की देरी हो रही है। लालबाग, आलमबाग और इकाना जैसे इलाकों में एजेंसियों के बाहर भीड़ लगी हुई है। कमर्शियल उपभोक्ताओं को प्राथमिकता कम मिलने से होटल-कैटरिंग व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

सरकार का दावा और कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों और आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए हैं कि अफवाह फैलाने वालों, जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो। सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई गई है और पुलिस मुख्यालय स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के आसपास पुलिस तैनात की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी और अफवाहों से घबराहट न फैलाएं।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर नकेल

प्रशासन ने सभी जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश हैं। कुछ जगहों पर पुलिस ने छापेमारी कर अवैध स्टॉक जब्त किया है। केंद्र सरकार ने भी घरेलू गैस को प्राथमिकता देते हुए उत्पादन बढ़ाने और ESMO लागू करने के कदम उठाए हैं। स्थिति नियंत्रण में आने की उम्मीद है लेकिन अगले कुछ दिनों तक पैनिक और लाइनें बनी रह सकती हैं।

INPUT-ANANYA MISHRA

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